प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ में एकजुटता और सजगता का दिया संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 132वें एपिसोड में राष्ट्र को संबोधित करते हुए नागरिकों से चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में सतर्क और जिम्मेदार बने रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बाद दुनिया बेहतर हालात की उम्मीद कर रही थी, लेकिन कई क्षेत्रों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, जिससे वैश्विक स्थिरता प्रभावित हो रही है।

पीएम मोदी ने विशेष रूप से पड़ोसी देशों में चल रहे भीषण संघर्षों का जिक्र किया और कहा कि इनका असर केवल उन देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे विश्व पर इसके दूरगामी प्रभाव पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक और उनके परिवार रहते हैं, खासकर खाड़ी देशों में कार्यरत भारतीयों की संख्या एक करोड़ से अधिक है। प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वहां रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और हर संभव सहायता के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

ऊर्जा सुरक्षा पर जोर

प्रधानमंत्री ने ऊर्जा संकट की संभावना पर चिंता जताते हुए कहा कि जहां संघर्ष चल रहे हैं, वे क्षेत्र भारत की ऊर्जा जरूरतों के प्रमुख स्रोत हैं। इससे पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि पिछले दस वर्षों में भारत ने अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत बनाया है, जिससे ऐसी किसी भी चुनौती का सामना करने की क्षमता देश में विकसित हुई है।

देशहित में एकजुट रहने का आह्वान

इस मौके पर पीएम मोदी ने सभी देशवासियों से अपील की कि इस कठिन समय में राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता दें। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा 140 करोड़ भारतीयों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरे राष्ट्र को एकजुट होकर आगे बढ़ना चाहिए।

अफवाहों से बचने की सलाह

प्रधानमंत्री ने लोगों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैल रही अफवाहों से सावधान रहने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अफवाहें फैलाने वाले तत्व देश की एकता को कमजोर करते हैं। नागरिकों से आग्रह किया गया कि वे किसी भी भ्रामक या अनसत्य सूचना के प्रभाव में न आएं और केवल विश्वसनीय स्रोतों से जानकारी लें।

युवाओं की भूमिका और खेलों का महत्व

पीएम मोदी ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा का केंद्र बताते हुए कहा कि भारत आज दुनिया का सबसे युवा देश है। उन्होंने ‘माय भारत’ जैसे प्लेटफॉर्म्स और विभिन्न युवा प्रतियोगिताओं में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।

खेल क्षेत्र में हालिया उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने टी-20 विश्व कप और रणजी ट्रॉफी में भारतीय टीमों के प्रदर्शन को प्रोत्साहन देने वाला बताया। प्रधानमंत्री ने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताया और कहा कि इससे युवा पीढ़ी में खेलों के प्रति रुचि और बढ़ रही है।

स्वास्थ्य और फिटनेस पर दिया जोर

अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने देशवासियों से योग और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने, साथ ही चीनी और खाने के तेल के अत्यधिक सेवन से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर ही जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि निरंतर अभ्यास, सीखने की ललक और राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी ही देश को मजबूत और समृद्ध बनाने की कुंजी है।