प्रदेश में किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मंगलवार को सीएम किसान हेल्पलाइन की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने राजधानी में आयोजित कृषि विशेषज्ञों की वर्कशॉप में हिस्सा लिया और विभिन्न सत्रों को संबोधित किया।
वर्कशॉप में कृषि वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान शामिल हुए। सत्रों में आधुनिक खेती, नई तकनीक, फसल प्रबंधन और केंद्र-राज्य सरकार की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने किसानों को उन्नत बीजों के चयन, जैविक खेती, ड्रिप इरिगेशन और जल संरक्षण के व्यावहारिक तरीके बताए। फसल चक्र और मिट्टी परीक्षण के महत्व पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता खेती को घाटे से निकालकर लाभ का व्यवसाय बनाना है। इसके लिए तकनीक और नवाचार को खेत तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वर्कशॉप में किसानों और विशेषज्ञों से मिले सुझावों को आगामी कृषि नीति में शामिल किया जाएगा।
सीएम किसान हेल्पलाइन के जरिए अब किसान सीधे फोन पर फसल में लगने वाले रोग, मंडी भाव, प्रमाणित खाद-बीज की उपलब्धता और सरकारी योजनाओं की जानकारी ले सकेंगे। सरकार का दावा है कि हेल्पलाइन पर दर्ज हर समस्या का समाधान 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि हेल्पलाइन पर कृषि वैज्ञानिकों की टीम लगातार मौजूद रहेगी। कॉल सेंटर के साथ-साथ व्हाट्सएप और पोर्टल से भी मदद ली जा सकेगी। पहले दिन ही सैकड़ों किसानों ने हेल्पलाइन पर संपर्क कर जानकारी ली।