राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT जांच पूरी होने को: चंपत राय पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर रही है। सूत्र बताते हैं कि टीम आज लखनऊ वापस लौटेगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

जांच में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर सबसे ज्यादा सवाल उठे हैं। रिपोर्ट के आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है। साथ ही ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को भी उनकी जिम्मेदारी से हटाने की संभावना जताई जा रही है।

जांच में क्या सामने आया?

SIT ने पांच दिनों तक अयोध्या में व्यापक पूछताछ की। टीम ने 100 से अधिक कर्मचारियों, बैंक अधिकारियों और संबंधित लोगों से बयान दर्ज किए। CCTV फुटेज की जांच में कुछ संदिग्ध गतिविधियां नजर आईं। कुछ कर्मचारियों के पास से नकदी भी बरामद हुई।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और व्यवस्थापक गोपाल राव से अलग-अलग लंबी पूछताछ हुई। टीम ने 11 महीनों के वित्तीय दस्तावेजों की भी छानबीन की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया अयोध्या दौरे में चंपत राय को प्रोटोकॉल में शामिल नहीं किया गया, जिससे अटकलें और तेज हो गईं।

SIT का गठन और समयसीमा

ट्रस्ट की अपील पर 13 जून को तीन सदस्यीय SIT बनाई गई। इसमें लखनऊ मंडल आयुक्त विजय विश्वास पंत (IAS), रेंज आईजी किरण एस (IPS) और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार शामिल हैं। टीम को प्रारंभिक रिपोर्ट सात दिनों में और पूरी रिपोर्ट 15 दिनों में जमा करने को कहा गया है।

ट्रस्ट ने बड़े स्तर पर गबन की खबरों से इनकार किया है, जबकि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। मंदिर उद्घाटन के बाद चढ़ावे में 82 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा होने का अनुमान है।

योगी का बयान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर आस्था से खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि सबूत SIT को सौंपे जाएं।