भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरे देश में फैल चुका है, लेकिन पश्चिमी राज्यों में इसकी चाल अभी धीमी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सात दिनों में मानसून की गति बढ़ने वाली है, जिससे बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।
मौजूदा हालात
राजस्थान और गुजरात के ज्यादातर इलाकों में मानसून की बारिश कमजोर रही है। इन क्षेत्रों में हल्की बौछारें या सूखे-जैसे हालात बने हुए हैं। गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्रों तथा राजस्थान के पश्चिमी भागों में वर्षा की कमी साफ नजर आ रही है। वहीं, उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का सिलसिला पहले से ही सक्रिय है।
अलर्ट वाले राज्य
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और आसपास के कुल 18 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ आंधी और वज्रपात का रेड एवं ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
- बिहार: कई जिलों जैसे पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर आदि में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। वज्रपात का भी खतरा मंडरा रहा है।
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी हिस्सों में लगातार बारिश जारी है, जबकि पश्चिमी यूपी में भी भारी बारिश संभव।
- पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जिससे भूस्खलन और नदियों में उफान का खतरा बढ़ गया है।
अगले एक सप्ताह का अनुमान
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून उत्तर भारत और मध्य भारत के बाकी हिस्सों में अपनी रफ्तार बढ़ाएगा। पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पश्चिम बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। राजस्थान के पूर्वी जिलों में भी बारिश बढ़ने की संभावना है।