ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच रूस ने अपना विशेष कमांड एयरक्राफ्ट ईरान भेजा है। वहीं अमेरिकी सेना ने ईरान के दर्जनों ठिकानों पर बड़े हमले जारी रखे हैं।
रूस का ‘डूम्सडे’ कमांड प्लेन तेहरान में
रूस ने अपना Tu-214PU एयरबोर्न कमांड पोस्ट विमान (जिसे विशेषज्ञ ‘डूम्सडे प्लेन’ कहते हैं) तेहरान भेजा है। यह विमान मॉस्को से उड़ान भरकर ईरान की राजधानी पहुंचा। रूस की स्पेशल फ्लाइट स्क्वाड्रन द्वारा संचालित यह विमान युद्ध की स्थिति में हवा में रहकर पूरे अभियान को नियंत्रित करने की क्षमता रखता है।
इसमें अत्याधुनिक एन्क्रिप्टेड संचार प्रणाली, सैटेलाइट लिंक और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सुरक्षा है, जो इसे संकट या बड़े युद्ध में उड़ता कमांड सेंटर बनाती है। साथ में अन्य रूसी विमानों के भी ईरान पहुंचने की खबर है, जिसमें उच्च अधिकारी सवार हो सकते हैं।
अमेरिका का तीसरा दौर का हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, शनिवार को अमेरिकी बलों ने ईरान के करीब 140 सैन्य लक्ष्यों पर हमले किए। ये हमले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में एक व्यापारिक जहाज पर हुए ईरानी हमले के जवाब में किए गए।
हमलों के मुख्य लक्ष्य:
- मिसाइल-ड्रोन लॉन्च साइटें
- नौसेना सुविधाएं
- हथियार भंडारण केंद्र
- संचार नेटवर्क
- तटीय निगरानी स्टेशन
अमेरिका का कहना है कि ये हमले हॉर्मुज में नौवहन की सुरक्षा के लिए जरूरी थे। ईरान ने जवाब में गल्फ के कुछ देशों पर हमले किए और जलडमरूमध्य को बंद करने का दावा किया, हालांकि अमेरिका ने इसे अस्वीकार कर दिया।