टेक हब बनेगा MP: 40 हजार करोड़ निवेश, 35 हजार रोजगार का लक्ष्य

मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों से राज्य को टेक्नोलॉजी क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया। सोमवार को भोपाल के ताज लेकफ्रंट में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 का भव्य आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया और भविष्य के टेक इकोसिस्टम को मजबूत करने का संदेश दिया।

सीएम का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इस कॉन्क्लेव के जरिए प्रदेश में 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित करने और 35 हजार नए रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्य प्रदेश अब टेक्नोलॉजी, नवाचार और आधुनिक उद्योगों का हब बनेगा।

इस मौके पर 20 नई औद्योगिक इकाइयों का भी उद्घाटन किया गया, जिनमें करीब 179 करोड़ रुपये का निवेश लगा है। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने कुल मिलाकर 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की प्रतिबद्धता जताई। पारस सेमीकंडक्टर्स जैसी कंपनियों ने 5,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का ऐलान किया।

मुख्य फोकस क्षेत्र

कॉन्क्लेव खासतौर पर तीन उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित रहा:

  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC)
  • डेटा सेंटर्स
  • सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग

इन क्षेत्रों में रणनीतिक चर्चाएं, विशेषज्ञ पैनल और गोलमेज बैठकें आयोजित की गईं। देश-विदेश की कई बड़ी कंपनियां, स्टार्टअप्स, निवेशक और शैक्षणिक संस्थान (जैसे IISER और IIM इंदौर) इसमें शामिल हुए।

पिछली सफलताएं

पिछले दो संस्करणों ने प्रदेश के टेक सेक्टर को मजबूत आधार दिया था। पहले संस्करण में 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले और 75 हजार रोजगार के अवसर बने। दूसरे संस्करण में भी 11-12 हजार करोड़ रुपये का निवेश और लगभग 48 हजार नौकरियां सृजित हुईं। तीसरा संस्करण इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए नए लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है।

राज्य की तैयारियां

मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, युवा कार्यबल, बेहतर नीतियां और तेजी से विकसित हो रही इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश को टेक निवेश के लिए आकर्षक बना रही है। सरकार का प्रयास है कि GCC, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो, जिससे न सिर्फ आर्थिक विकास हो बल्कि युवाओं को स्थानीय स्तर पर उच्चस्तरीय रोजगार भी मिले।