अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे (दान) की कथित चोरी और गबन के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई की। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) से अब तक की जांच की विस्तृत रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में मांगी है। साथ ही कोर्ट ने पूछा कि जांच की जिम्मेदारी किस अधिकारी के पास है।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने इस मामले में केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिकाओं में CBI जांच की मांग की गई है, जिस पर सभी पक्षों से राय ली जाएगी। कोर्ट ने सभी CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है। अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी।
ट्रस्ट ने CEO पद के लिए शुरू की भर्ती
दूसरी ओर, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद भरने का फैसला लिया है। ट्रस्ट ने इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।आवेदन की आखिरी तारीख: 18 जुलाई 2026
- आयु: 50 से 70 साल
- शिक्षा: स्नातक
- अनुभव: प्रबंधन क्षेत्र में कम से कम 20 साल
ट्रस्ट ने उम्मीदवारों की जिम्मेदारियों और वेतन संबंधी जानकारी भी जारी की है। यह भर्ती मंदिर के सुचारू संचालन और व्यावसायिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से की जा रही है।