ग्वालियर: साइबर ठगों ने CA से उड़ाए 21 करोड़, कश्मीर से कन्याकुमारी तक फैला खातों का जाल

मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और 70 वर्षीय वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को साइबर ठगों ने क्रिप्टो ट्रेडिंग के झांसे में फंसाकर 21 करोड़ 6 लाख रुपये की राशि हड़प ली। राज्य साइबर सेल की प्रारंभिक जांच में यह खुलासा हुआ कि ठगों ने पूरे देश में फैले हजारों बैंक खातों का जाल बिछाकर यह रकम गायब कर दी।

ठगी की शुरुआत और तरीका

दिसंबर 2025 से इस सिलसिले की शुरुआत हुई। ठगों ने ‘दिव्या सिंह’ नाम से संपर्क किया और उच्च लाभ वाले USDT क्रिप्टो निवेश का लालच दिया। शुरुआत में भारतीय नंबर से मैसेज आए, बाद में विदेशी नंबर से संपर्क बढ़ा। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करवाकर ठगों ने न केवल अशोक विजयवर्गीय बल्कि उनके संपर्क में रहने वाले 35 से अधिक व्यापारियों का भी विश्वास जीत लिया।

रकम का लेयर-बाय-लेयर हस्तांतरण

जांच के अनुसार, ठगों ने चार स्तरों (लेयर्स) में रकम को घुमाया:

  • पहले स्तर पर 99 बैंक खातों में सीधी ट्रांसफर।
  • इसके बाद दूसरे, तीसरे और चौथे स्तर पर हजारों अन्य खातों में बांटा गया।
  • कुल 20,000 से अधिक ट्रांजेक्शन किए गए।
  • पैसा कन्याकुमारी से कश्मीर और गुजरात से कोलकाता तक देश के विभिन्न हिस्सों में फैले खातों में पहुंचाया गया।
  • छोटी-छोटी राशियों में बांटकर ATM, वाउचर और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए निकाल लिया गया।

ठगों ने प्रमुख बैंकों के कॉर्पोरेट खातों का भी इस्तेमाल किया, जिससे ट्रेल छिपाना आसान हो गया।

पुलिस की उपलब्धि और आगे की कार्रवाई

ग्वालियर साइबर सेल ने अब तक करीब 2 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में फ्रीज कराए हैं। फर्स्ट लेयर के 99 खातों की गहन जांच चल रही है। आईपी एड्रेस, फर्जी वेबसाइट और विदेशी संपर्क नंबर्स को ट्रैक किया जा रहा है। DSP संजीव नयन शर्मा ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर का साइबर रैकेट लगता है। टीम पूरे नेटवर्क को उजागर करने की कोशिश में जुटी है।