श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने अयोध्या राम मंदिर में भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान की चोरी पर गहरी नाराजगी जताई है। उनके एक पत्र के सामने आने के बाद यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चोरी की राशि 3 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है।
ट्रस्ट सूत्रों का कहना है कि इस घटना को बेहद गंभीरता से लिया गया है। ट्रस्ट चेयरमैन नृपेंद्र मिश्रा ने इसे मंदिर की गरिमा पर एक धब्बा करार दिया और व्यवस्थाओं को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का फैसला किया है। पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है और कुछ नकदी व कीमती सामान भी बरामद किया गया है। चंपत राय के इस्तीफे के बाद नए महासचिव की नियुक्ति की गई, जो इस चोरी की पहली शिकायत दर्ज कराने वाले अधिकारी हैं।
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने अपने पत्र में लिखा कि भक्तों के श्रद्धा के पैसे की इस तरह की चोरी उन्हें बहुत दुखी कर रही है। उन्होंने ट्रस्ट से त्वरित कार्रवाई और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की अपील की। अब मंदिर परिसर में निगरानी बढ़ा दी गई है और दान संग्रह की प्रक्रिया को और सख्त बनाया जा रहा है।
दूसरी ओर सियासी तीर
राम मंदिर चोरी मामले के बीच उत्तर प्रदेश में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है। बाराबंकी, अयोध्या और मथुरा समेत विभिन्न शहरों में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके पिता मुलायम सिंह यादव के खिलाफ पोस्टर लगाए गए। इन पोस्टरों में दोनों नेताओं को मुस्लिम टोपी पहने दिखाया गया है और नीचे बड़ा नारा लिखा है- “दिल में बाबर, मुंह में राम”।