पीएम मोदी ने हरियाणा में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को दी हरी झंडी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन पर देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन वाली यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन जींद से सोनीपत तक 89 किलोमीटर लंबे रूट पर चलेगी और पर्यावरण अनुकूल परिवहन के नए युग की शुरुआत करेगी।

ट्रेन जींद से सुबह 7:40 बजे रवाना होकर सुबह 9:40 बजे सोनीपत पहुंचेगी। वापसी यात्रा में यह सोनीपत से 10:40 बजे चलकर दोपहर 1 बजे जींद लौटेगी। इस दौरान ट्रेन 12 स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भम्बेवा, ईशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, रभड़ा, लाठ, मोहना हरियाणा और बड़वासनी शामिल हैं।

ट्रेन की खासियतें

यह 10 कोच वाली ट्रेन दो पावर कार और आठ यात्री कोच से मिलकर बनी है। इसमें 682 सीटें हैं और कुल क्षमता करीब 2,600 यात्रियों की है। हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक से चलने वाली यह ट्रेन बिजली पैदा करती है और केवल पानी की भाप छोड़ती है, जिससे कोई प्रदूषण नहीं फैलता।

ट्रेन की कुल पावर क्षमता 2,400 किलोवाट (लगभग 3,200 हॉर्सपावर) है, जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन ट्रेनों में से एक बनाती है। परीक्षण के दौरान इसकी रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंची थी, लेकिन नियमित सेवा में इसे 75 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा में रखा जाएगा। रोजाना दो राउंड ट्रिप में यह 356 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।

भारतीय रेलवे के अनुसार, ज्यादातर देशों में अभी 2-3 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेनें चल रही हैं। ऐसे में 10 कोच वाली यह ट्रेन दुनिया में सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है। इसका पूरा डिजाइन और विकास भारत में हुआ है।

हाइड्रोजन प्लांट तैयार

जींद में विशेष हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र बनाया गया है, जहां पानी से हाइड्रोजन तैयार किया जाएगा। ट्रेन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरुआती तीन महीनों में विशेषज्ञ टीम साथ रहेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि यह ट्रेन न केवल प्रदूषण मुक्त परिवहन का उदाहरण है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भारतीय रेलवे विश्व स्तर पर स्वच्छ ईंधन वाले रेल परिवहन में अग्रणी भूमिका निभाएगा।