पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई का बचाव करते हुए प्रदर्शनकारियों को भारत के बराबर दुश्मन करार दिया है। उन्होंने साफ कहा कि सरकार इन लोगों से कोई संवाद नहीं करेगी।
आसिफ ने कहा, “मैं PoK के प्रदर्शनकारियों को भारत के ही जैसा दुश्मन मानता हूं। इन्हें भी उसी श्रेणी में रखता हूं।” यह बयान PoK में हालिया हिंसा के बीच आया है, जहां सुरक्षा बलों की गोलीबारी में कई लोगों की जान गई।
PoK में बढ़ती अशांति
PoK के मुजफ्फराबाद, रावलाकोट, मीरपुर समेत कई इलाकों में जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JAAC) के नेतृत्व में पिछले हफ्तों से बड़े प्रदर्शन चल रहे हैं। प्रदर्शनकारी बिजली-पानी की कमी, महंगाई, बेहतर राजनीतिक अधिकार और स्थानीय मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरे हैं।
हालिया घटनाक्रम में सुरक्षा बलों के साथ टकराव में 14 से 30 के बीच प्रदर्शनकारियों की मौत की खबरें हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दो दिनों में 32 मौतों का जिक्र है, जबकि जून से अब तक कुल मौतों की संख्या 80-90 के करीब बताई जा रही है। इंटरनेट बंद होने और मीडिया प्रतिबंधों के कारण सटीक आंकड़ों की पुष्टि मुश्किल है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बलों ने अकारण गोली चलाई, जबकि पाकिस्तानी अधिकारियों का दावा है कि कुछ प्रदर्शनकारी हथियारबंद थे और उन्होंने पहले फायरिंग की।
विवादास्पद बयान पर प्रतिक्रियाएं
ख्वाजा आसिफ के इस बयान ने पाकिस्तान के अंदर भी तीखी बहस छेड़ दी है। विपक्षी नेता इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार संगठनों ने स्वतंत्र जांच की मांग की है।
स्थानीय लोग पाकिस्तानी प्रशासन से ज्यादा स्वायत्तता और बुनियादी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं। पाकिस्तान सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, जिसमें कर्फ्यू और गिरफ्तारियां शामिल हैं।