14 देशों की मौजूदगी में ब्रिक्स बैठक का समापन: भोपाल घोषणा पत्र अपनाया 

भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में आयोजित 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक शनिवार को भोपाल में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक के अंत में ‘भोपाल घोषणा पत्र’ सर्वसम्मति से अपनाया गया। इसमें कुल 14 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें 10 ब्रिक्स सदस्य देश और चार भागीदार देश शामिल थे।

सदस्य देशों में ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात थे। मिस्र ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़ाव किया। भागीदार देशों में बेलारूस, क्यूबा, कजाकिस्तान और थाईलैंड शामिल रहे। बैठक में लगभग 55 प्रतिनिधि मौजूद थे।

यह बैठक भारत की ब्रिक्स थीम “रेसिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता” के अनुरूप हुई। इससे पहले संस्कृति कार्य समूह की तीन बैठकें हो चुकी थीं, अप्रैल में वर्चुअल, जून में वाराणसी और अगस्त की शुरुआत में भोपाल में।

घोषणा पत्र में क्या-क्या शामिल

भोपाल घोषणा पत्र में सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। इसमें अनुभवों का आदान-प्रदान, रचनाकारों को समर्थन, नेटवर्किंग और डिजिटल माध्यमों से बाजार पहुंच बढ़ाने की बात कही गई है।

सांस्कृतिक संपत्ति की वापसी और पुनर्स्थापन को लेकर भी साझा मंथन हुआ। घोषणा पत्र में यूनेस्को बहुराष्ट्रीय नामांकन, उत्पत्ति संबंधी शोध और एआई आधारित ट्रेसिंग टूल्स के उपयोग का उल्लेख है। पारंपरिक ज्ञान और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की सुरक्षा, संग्रहालयों-पुस्तकालयों-अभिलेखागारों के बीच डिजिटलीकरण व संरक्षण में सहयोग तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता में कॉपीराइट कार्यों के इस्तेमाल पर रचनाकारों के अधिकारों की रक्षा को भी शामिल किया गया।

कलाकारों को मिलेगा मंच

भारत ने स्वैच्छिक कलाकार रजिस्ट्री का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के कलाकारों और रचनात्मक पेशेवरों के बीच आदान-प्रदान बढ़ाना, पेशेवर नेटवर्क मजबूत करना और उन्हें अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।