कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा हो गया है, मुंबई में दूध की कीमतें बढ़ी हैं और टाटा व हुंडई की कारें भी महंगी हो गई हैं। साथ ही जिन लोगों ने एलपीजी का e-KYC नहीं कराया है, उनकी सब्सिडी रुक सकती है।
कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़े
सरकारी तेल कंपनियों ने 1 सितंबर से 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ा दी है। शहरों के अनुसार बढ़ोतरी 9.50 रुपये से 11.50 रुपये तक है।
दिल्ली में अब यह सिलेंडर करीब 2,747.50 रुपये का हो गया है। मुंबई में कीमत 2,701 रुपये और चेन्नई में 2,916.50 रुपये पहुंच गई है। कोलकाता में सबसे ज्यादा 11.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जहां कीमत 2,884 रुपये हो गई।
घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दो महीने की कटौती के बाद यह पहली बढ़ोतरी है। होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक जगहों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
मुंबई में दूध 9 रुपये प्रति लीटर महंगा
मुंबई में 1 सितंबर से ताजा दूध का थोक भाव 9 रुपये प्रति लीटर बढ़ गया है। पहले 93 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था, अब यह 102 रुपये हो गया है। बॉम्बे मिल्क प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ने यह फैसला लिया है। नई कीमतें फरवरी 2027 के अंत तक लागू रहेंगी। चारे और अन्य खर्च बढ़ने के कारण यह बढ़ोतरी की गई है। खुदरा बाजार में भी दूध और दूध से बने उत्पादों के दाम बढ़ सकते हैं।
टाटा और हुंडई की कारें महंगी
टाटा मोटर्स ने 1 सितंबर से अपनी कारों और एसयूवी की कीमतें अधिकतम 25,000 रुपये तक बढ़ा दी हैं। पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के मॉडल इस बढ़ोतरी में शामिल हैं। मॉडल और वेरिएंट के हिसाब से बढ़ोतरी अलग-अलग होगी। कंपनी ने कच्चे माल की बढ़ती कीमत और महंगाई को वजह बताया है।
बिना e-KYC सब्सिडी अटक सकती है
घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए आधार आधारित e-KYC की अंतिम तारीख 31 अगस्त समाप्त हो गई है। जो लोग अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं, उनकी सब्सिडी रुक सकती है। घरेलू दर पर सिलेंडर मिलने में भी दिक्कत हो सकती है।