मंगलवार को कीमती धातुओं के बाजार में मिश्रित तस्वीर देखने को मिली। घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर सोना कमजोर रहा, जबकि चांदी में तेजी दर्ज की गई। यही रुझान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दिखी।
एमसीएक्स पर 5 अक्टूबर की एक्सपायरी वाले सोने के भाव करीब 269 रुपये गिरकर 1,54,191 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गए। वहीं 4 दिसंबर एक्सपायरी वाली चांदी 270 रुपये की बढ़त के साथ 2,40,391 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कॉमेक्स पर भी सोना लाल निशान में रहा और चांदी हरी निशान में।
सोने पर दबाव मुख्य रूप से अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी आशंकाओं से आया। सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए दरें बढ़ने की संभावना से निवेशक बॉन्ड जैसे ब्याज वाले विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। हालांकि अमेरिकी डॉलर की कमजोरी (जिससे अन्य मुद्राओं के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है) और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने सोने की गिरावट को सीमित रखने में मदद की।
सोने पर दबाव मुख्य रूप से अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी आशंकाओं से आया। सोना कोई ब्याज नहीं देता, इसलिए दरें बढ़ने की संभावना से निवेशक बॉन्ड जैसे ब्याज वाले विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं। हालांकि अमेरिकी डॉलर की कमजोरी (जिससे अन्य मुद्राओं के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता पड़ता है) और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव ने सोने की गिरावट को सीमित रखने में मदद की। चांदी को कमजोर डॉलर के अलावा औद्योगिक मांग से भी सहारा मिला। सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उद्योगों में चांदी का बढ़ता उपयोग तथा आपूर्ति संबंधी चिंताओं ने इसकी कीमतों को मजबूती दी।