सागर में सस्ती शराब ने छीन ली 28 जानें, 16 गिरफ्तार, यूपी तक पहुंची पुलिस

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा-शाहगढ़ इलाके में नकली शराब सेवन के बाद हुई मौतों का सिलसिला जारी है। स्थानीय जानकारी के मुताबिक अब तक करीब 28 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि जिला प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर सिर्फ 15 मौतों की पुष्टि की है। बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में फिलहाल 46 मरीज भर्ती हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। इससे पहले 60 से अधिक मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। बुधवार को कोई नई मौत या नया मरीज सामने नहीं आया।

पुलिस ने अब तक 33 नामजद आरोपियों में से 16 को हिरासत में लिया है। फरार 17 आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। मुख्य आरोपियों मनीष लोधी (बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसी ठेकेदार) और अंतर्राज्यीय तस्कर रवि लखेरा पर 20-20 हजार रुपये का इनाम रखा गया है। बाकी फरारों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम है। आरोपियों की तलाश में मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश में भी पुलिस टीमें सक्रिय हैं और कई जगहों पर छापेमारी कर रही हैं।

जांच में पता चला है कि जन्माष्टमी से कुछ दिन पहले ततरवारा गांव में चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत के खेत में ‘सागर गोल्ड’ नाम से करीब 50 पेटी नकली शराब तैयार की गई थी। इसे आसपास के गांवों में सस्ते दामों पर बेचा गया। पुलिस ने दोनों थाना क्षेत्रों से कुल 252 लीटर से अधिक शराब जब्त की है। मुख्य आरोपी के खेत और बाड़े से बड़ी मात्रा में नकली शराब के साथ पैकिंग सामग्री भी बरामद हुई।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को सागर पहुंचकर अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात की और पूरे मामले की समीक्षा की। उन्होंने न्यायिक जांच के आदेश दिए तथा प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पूरी आजादी दी। सागर संभाग में नया आईजी और नया संभागायुक्त भी नियुक्त कर दिए गए हैं। कुछ स्थानीय अधिकारियों को निलंबित या हटाया गया है।

विपक्षी कांग्रेस का आरोप है कि सरकार मौतों का सही आंकड़ा छिपा रही है। उन्होंने स्वतंत्र जांच और मृतक परिवारों को पर्याप्त मुआवजे की मांग की है।