मंगलवार सुबह नगर निगम, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम आरई-2 सड़क के अधूरे हिस्से में बाधक मकान और निर्माण हटाने के लिए पहुंची। बंगाली चौराहा से पीपल्याहाना के बीच लगभग एक किलोमीटर लंबा हिस्सा तीन साल से अधूरा पड़ा था। बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर क्षेत्रों में जेसीबी व पोकलेन मशीनों के साथ कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।
विरोध जल्दी ही पथराव में बदल गया। भीड़ ने रिमूवल टीम और पुलिसकर्मियों पर पत्थर फेंके, जिससे मौके पर अफरातफरी फैल गई। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए प्लास्टिक पाइप और लाठियों का इस्तेमाल किया। लोगों को पीटकर खदेड़ा गया और कुछ को घसीटकर हटाया गया। घटना में दो व्यक्ति घायल हुए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया। दो लोगों को हिरासत में लिया गया। कुछ महिलाओं ने भी विरोध किया, जिन्हें महिला पुलिस ने नियंत्रित किया। एक लड़की इस दौरान बेहोश हो गई।
आरई-2 सड़क की कुल लंबाई 4.25 किलोमीटर और चौड़ाई 45 मीटर है। इसमें से करीब 3.20 किलोमीटर का काम पहले ही पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर सात बस्तियां बाधक थीं। लगभग 300 अस्थायी मकान और अन्य संरचनाएं रास्ते में आ रही थीं। इससे पहले 325 परिवारों को शिफ्ट कर दिया गया था। अब शिव नगर और शिव दर्शन नगर के परिवारों को भी वैकल्पिक आवास में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है।
नगर निगम का कहना है कि बाधाएं हटने के बाद बचे हुए हिस्से का निर्माण जल्द शुरू होगा। इससे भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी तथा शहर के मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा। इस परियोजना पर अब तक करीब 55 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।
कार्रवाई के दौरान 250 से अधिक बाधक निर्माण हटाए गए। कुछ महिलाओं ने जेसीबी के सामने बैठने और छत पर चढ़ने जैसी कार्रवाई की, जिसके बाद पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। बस्तीवासियों का मुख्य विरोध आवास आवंटन को लेकर था, क्योंकि बड़े परिवारों को सीमित फ्लैट दिए जा रहे थे।