खाड़ी क्षेत्र के राजनयिक स्रोतों पर आधारित एक रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब ने यमन के हूती समूह को अपने ठिकानों पर हमले बंद करने के बदले एक अरब अमेरिकी डॉलर देने का प्रस्ताव रखा है। यह राशि ईरान की मध्यस्थता के जरिए दी जाने वाली बताई जा रही है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान सोमवार को तेहरान पहुंचे। एक स्रोत का दावा है कि वे सैन्य परिवहन विमान में यह रकम भी साथ लेकर गए थे। सऊदी अधिकारियों ने हालांकि किसी भी धनराशि के हस्तांतरण की पुष्टि नहीं की है।
बैठक में कौन-कौन शामिल रहे
इस बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर, तुर्किये के खुफिया प्रमुख इब्राहिम कालिन तथा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और सुरक्षा संबंधी वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। ईरान ने सऊदी और हूतियों के बीच मध्यस्थता की पेशकश की है।
सऊदी विदेश मंत्रालय ने यात्रा की पुष्टि करते हुए बताया कि यह मक्का रक्षा गठबंधन के प्रयासों का हिस्सा है। इसका मकसद क्षेत्रीय तनाव घटाना, बातचीत बढ़ाना और कतर तथा पाकिस्तान की मध्यस्थता कोशिशों को समर्थन देना है।
प्रस्ताव का मकसद
सूत्रों के मुताबिक यह रकम हूती नियंत्रित इलाकों में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और नागरिक सुविधाओं के पुनर्निर्माण के लिए हो सकती है। बदले में हूतियों से सऊदी तेल संयंत्रों, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर हमले रोकने की अपेक्षा की जा रही है। यह पिछले कुछ वर्षों के समझौतों से जुड़ा माना जा रहा है।