भोपाल समेत कई शहरों में कचरे के ढेर: सफाईकर्मी हड़ताल पर, दिवाली से पहले सफाई व्यवस्था ठप

दिवाली के त्योहार से ठीक पहले मध्य प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था लगभग ठप पड़ गई है। भोपाल सहित प्रदेशभर में सफाईकर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। नतीजा यह है कि सड़कों, बाजारों और गली-मोहल्लों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लग गए हैं।

राजधानी भोपाल में रोजाना करीब 850 टन कचरा निकलता है। हड़ताल के कारण घर-घर कचरा उठाने वाली सैकड़ों गाड़ियां ट्रांसफर स्टेशनों पर खड़ी हैं। 85 वार्डों में सफाई का काम बंद है। दो दिनों में ही हजारों टन कचरा जमा हो चुका है। न्यू मार्केट, एमपी नगर, बिट्टन मार्केट, चौक बाजार, बैरागढ़ और अन्य प्रमुख इलाकों में गंदगी साफ नजर आ रही है। कई जगह व्यापारियों और स्थानीय लोगों को खुद झाड़ू लगानी पड़ रही है।

सफाईकर्मियों की प्रमुख मांगें हैं उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले, न्यूनतम वेतन 25 हजार रुपये प्रति माह तय हो, ठेका व्यवस्था खत्म कर स्थायी नियुक्ति दी जाए और अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान लागू हो। यूनियन का दावा है कि प्रदेश के 16 नगर निगमों और सैकड़ों नगर परिषदों के करीब एक लाख कर्मचारी इस आंदोलन में शामिल हैं।

मंगलवार को प्रदर्शन और जाम के बाद बुधवार से हड़ताल शुरू हुई। अधिकारियों से हुई बातचीत में कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, इसलिए कर्मचारी हड़ताल जारी रखने पर अड़े हैं। उन्होंने साफ कहा है कि मांगें पूरी होने तक दिवाली पर भी कचरा नहीं उठाया जाएगा।

नगर निगम ने वैकल्पिक कर्मचारियों से व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन कई जगह हड़ताली कर्मचारियों ने रोका। कुछ मुख्य सड़कों पर सफाई का दावा किया गया, लेकिन अधिकांश इलाकों में गंदगी बनी हुई है।