conversion in chandla: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के चंदला से धर्मांतरण की भयावहता सामने आई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामले का पता चला। हमारे वीडियो में हिंदू महिलाएं हिंदू देवी देवताओं को मन्ने से इंकार कर रही हैं और बाइबिल पढ़ने की बात कह रही हैं।
ये खबर छतरपुर के चंदला क्षेत्र से आई है जहां धर्म उपदेशक बजिंदर और महिला पादरी पर धर्म परिवर्तन के हथियार लगे हैं। चंदला की नेता पूर्व जनपद अध्यक्ष तुलसा देवी अहिरवार पर भी अहिरवार समाज के कई लोगों का धर्मांतरण शुरू हो गया है। उन लोगों को हिंदू से ईसाई बनाया, पूजा पथ क्रने से रोका और उनके घरों से हिंदी देवी देवताओं की तसवीरें हटायीं। लोगो का कहना है कि तुलसा देवी यहां चंगाई सभा चलती हैं।
तुलसा देवी की बेटियां चलाती हैं सभा
पूर्व जनपद अध्यक्ष तुलसा देवी अहिरवार से पूछताछ करने पर उन्होंने कहा कि उनकी बेटियां चंगाई सभा चलती हैं उनका इससे कोई लेना देना नहीं है, वो यहां सिर्फ इसकी दूसरी ब्रांच सम्भल रही हैं। उन्होंने ये भी कहा कि वो नेता हैं और कांग्रेस पार्टी से हैं इसीलिए अपनी ये धर्मांतरण के आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने अपनी बेटियों का समर्थन करते हुए कहा कि मेरी बेटियां कोई गलत काम भी नहीं कर रहीं।
जाने पूरा मामला
14 साल पहले तुलसा देवी के पूरे परिवार की ताबूत बहुत खराब रहती थी। साल 2010 में चुनाव जीतने के बाद घर के सदस्यों को पागलपन के दौरे पड़ते लगे। हर जगह दिखाने के बाद निराश होकर एक दिन अचानक सोशल मीडिया पर जालंधर का एक वीडियो देखकर ये लोग वहां पहुंचे। वह पादरी ने इनके लिए पूजा की और सभी लोग ठीक हो गए। इसी घटना के बाद से बजिंदर सिंह के संपर्क में तुलसा देवी आईं।
उनसे जुड़ने के बाद तुलसा देवी की बेटियां को वहां जाना अच्छा लगने लगा और वे यीशु की प्राथना करने लगीं। चंदला आकर भी उन्होंने ये जारी रखा और लोग ठीक होते रहे।
यीशु के समाचार का प्रचार करते हैं
बेटी ने बताया कि वो संडे संडे प्रचार करते हैं जहां सभी लोग सम्मिलित होते हैं और उनकी बातें सुनते हैं। उनका कहना है कि यीशु यहां लोगों की समस्या सुनने आए हैं और उनका समाधान देने। सभी लोग यहां भाईचारे के साथ आते हैं और अपनी दुविधाओं का समाधान ढूंढते हैं।
पति ने कहा – बजिंदर से मिलने के बाद की मूर्ति पूजा बंद
तुलसा देवी के पति दयाराम का कहना है कि जब से वे बजिंदर सिंह से मिले तब से मूर्ति पूजा बंद करदी। उनका कहना है कि ये सभी मूर्ति हैं। वे ये भी कहते हैं कि वो सभी धर्मों को मानते हैं। उन्होंने ने बताया कि यहां किसी से पैसे मांगे नहीं जाते बल्कि जिसका मन करे, या जिसे सुधार दिखे वो खुद दान कर देता है।
सोशल मीडिया तक भी पहुंच
बजिंदर सिंह मिनिस्ट्री के नाम से बने वेबसाइट पर हर जगह के पेट मौजूद हैं। विदेश में भी धर्म उपदेशक बिजेंदर सिंह की शाखाएं हैं। इनकी सभाओं में लाखों की भीड़ उमड़ती है तो वहीं सोशल मीडिया पर इनके 10 लाख फॉलोवर हैं।