90 डिग्री ब्रिज के बाद अब GG फ्लाईओवर चर्चा में, 6 माह पहले ब्रिज का लोकार्पण,तब कांक्रीट उखड़ा,अब डेढ़ माह में डामर

लोक निर्माण विभाग के मंत्री राकेश सिंह ने लोकपथ एवं सड़कों की लंबित शिकायतों को लेकर लापरवाह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए कहा था। तो लीजिए मंत्री जी, यह भोपाल के एमपी नगर का जीजी फ्लायओवर है। जिसको लोकार्पण को अभी छह महीने हुए हैं। पहले यहां सीमेंट-कांक्रीट उखड़ गया था। इसके बाद डामरीकरण किया गया। जो बर्बाद हो गया।

एमपी नगर क्षेत्र में कुछ महीने पहले बना डॉ. भीमराव आंबेडकर ओवरब्रिज यानी जीजी फ्लाईओवर एक बार फिर अव्यवस्थाओं का शिकार हो गया है। जब से यह ब्रिज बनकर चालू हुआ है, हर महीने कुछ ना कुछ विवाद इस संबंध में सामने आ रहे हैं। पहले ब्रिज बनने के बाद सीसी वर्क उधड़ने के कारण चचार्ओं में आया यह ब्रिज अब फिर से उखड़ने को लेकर चर्चित हो गया है। बताया जा रहा है कि सीएम डॉ. मोहन यादव और विभागीय मंत्री राकेश सिंह की नाराजगी के बाद करीब एक डेढ़ महीने पहले पूरे जीजी ब्रिज में सीसी के ऊपर डामर का वर्क किया गया था। यह काम करीब 15 दिन चला था। लेकिन अब यह डामर का काम भी इतना घटिया साबित हुआ है कि पहली बारिश में उखड़ने लगा है और सड़क पर गड्ढे होने लगे हैं। हाल में ही प्रगति पेट्रोल पंप के ऊपर डामर गायब होकर गड्ढा देखा गया है। अब इस मामले में जिम्मेदार अफसर रिपेयरिंग काम कराने की बात कह रहे हैं।

बंद थी आधी से ज्यादा स्ट्रीट लाइट्स

जीजी ओवरब्रिज के ऊपर लगाई गई आधी से ज्यादा स्ट्रीट लाइट्स बंद होने का मामला कुछ दिन पहले सामने आया था। यहां एक-दो नहीं दर्जनों की संख्या में स्ट्रीट लाइट्स बंद पड़ी हैं। अंधेरे के कारण आए दिन यहां पर छोटे-मोटे एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। कुछ दिनों पहले एक तेज रफ्तार कार ने युवक को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई दी। “डॉ भीमराव अंबेडकर ब्रिज में यदि डामर का वर्क निकल गया है, तो इसे तत्काल दिखवाते हैं। इस पर काम कराया जाएगा”-आत्माराम मोरे, कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग ब्रिज शाखा