बागेश्वर धाम हादसे के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए स्थगित, सादगी से मनाया जाएगा जन्मदिन समारोह

छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम में गुरुवार सुबह हुए दुखद हादसे के बाद पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बड़ा निर्णय लिया है. इस घटना में एक श्रद्धालु की मौत और कई लोगों के घायल होने के चलते, शास्त्री ने अगले दो दिनों के लिए सभी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि 4 जुलाई को उनका जन्मदिन समारोह अत्यंत सादगी से मनाया जाएगा, जिसमें किसी प्रकार का धूम-धड़ाका या संगीत कार्यक्रम नहीं होगा. इसके बजाय, केवल हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया जाएगा.

धीरेंद्र शास्त्री ने व्यक्त किया दुख, प्राकृतिक आपदा बताया

मंच से संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा, “प्राकृतिक आपदा पर किसी का बस नहीं है. हमें दुख है कि एक व्यक्ति का शरीर नहीं रहा और कुछ लोग घायल हुए हैं. आगे की सावधानी और इस घटना की वजह से सांस्कृतिक कार्यक्रम स्थगित किए जाते हैं.”

हादसे का विवरण और मृतक की पहचान

यह हादसा गुरुवार सुबह उस समय हुआ जब तेज बारिश के दौरान बागेश्वर धाम परिसर में एक टिन शेड अचानक गिर गया. बारिश से बचने के लिए कई श्रद्धालु इस शेड के नीचे खड़े थे. शेड गिरने से वहाँ मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के निवासी श्यामलाल कौशल (50 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई. हादसे में आठ अन्य लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है. मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

मृतक श्यामलाल कौशल के दामाद राजेश कौशल ने बताया कि टिन शेड से निकला लोहे का एक एंगल सीधे उनके ससुर के सिर पर लगा, जो उनकी मृत्यु का कारण बना. इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में राजेश, उनकी पत्नी सौम्या और उनकी बेटियां पारुल व उन्नति सहित कुल आठ लोग घायल हुए हैं. राजेश ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए बुधवार रात को ही धाम पहुंचे थे. शास्त्री का जन्मदिन शुक्रवार, 4 जुलाई को है.

यह घटना श्रद्धालुओं और धाम प्रबंधन के लिए एक गंभीर सबक है, जिसके बाद सुरक्षा उपायों पर विशेष ध्यान दिए जाने की उम्मीद है.