Rishabh Pant Injury: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए इंग्लैंड के खिलाफ चल रही टेस्ट सीरीज में एक बड़ा झटका लगा है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत बुधवार को चौथे टेस्ट के पहले दिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाज क्रिस वोक्स की गेंद पर रिवर्स स्वीप खेलने की कोशिश में चोटिल हो गए। गेंद उनके दाहिने पैर के अंगूठे पर लगी, जिसके बाद उन्हें ‘रिटायर्ड हर्ट’ होकर मैदान से बाहर जाना पड़ा। शुरुआती उपचार के बाद उन्हें एम्बुलेंस जैसी गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ अब पुष्टि हुई है कि उनके दाहिने पैर के अंगूठे में फ्रैक्चर है। डॉक्टरों ने पंत को कम से कम छह हफ्ते के आराम की सलाह दी है, जिससे वह मौजूदा सीरीज से बाहर हो गए हैं।
वॉन ने की टेस्ट नियमों में बदलाव की मांग, कुक असहमत
ऋषभ पंत की इस दुर्भाग्यपूर्ण चोट ने टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इस घटना के बाद टेस्ट मैच में चोटिल खिलाड़ी के स्थान पर बदलाव (सब्स्टीट्यूट) की अनुमति देने की वकालत की है। वॉन का मानना है कि इस तरह की चोटें मैच के संतुलन को बिगाड़ देती हैं।
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— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) July 23, 2025
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वॉन ने ‘टेस्ट मैच स्पेशल’ पर कहा, “मुझे यह बात पसंद नहीं है कि अब मैच के चार दिन बाकी हैं और इस शानदार सीरीज के अगले चार दिन 10 बनाम 11 खिलाड़ियों के बीच खेले जाएंगे।” उन्होंने सुझाव दिया कि जब सिर की चोट के लिए सब्स्टीट्यूट की अनुमति दी गई है, तो पहली पारी में किसी भी स्पष्ट चोट की स्थिति में भी इसकी अनुमति होनी चाहिए।
वॉन ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए कहा, “अगर यह दूसरी पारी में होता है, तो टीमों द्वारा नियमों का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। लेकिन अगर चोट साफ तौर पर दिख रही है – जैसे किसी का हाथ या पैर टूटना या मांसपेशियों में गंभीर खिंचाव… तो यह साफ है कि खिलाड़ी आगे नहीं खेल सकता। ऐसे में सब्स्टीट्यूट की अनुमति होनी चाहिए।”
दूसरी ओर, इंग्लैंड के एक और पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक वॉन के इस सुझाव से सहमत नहीं दिखे। उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए एक काल्पनिक उदाहरण दिया, “मैं अभी तय नहीं कर पा रहा कि क्या सही है। लेकिन मान लीजिए पंत दर्द में हैं और बाहर चले गए। बाद में स्कैन में कुछ नहीं निकला – बस एक मामूली चोट (bruise) है। तो क्या उसे फिर से खेलना चाहिए?” कुक ने आगे कहा, “अगर पैर टूट गया होता, तो बात अलग होती… लेकिन कई बार किसी को गेंद लगती है, हाथ हिलता नहीं और बहुत दर्द होता है। पर असल में सिर्फ सूजन होती है। तो क्या उसे भी सिर्फ तकलीफ के आधार पर बदला जा सकता है, भले ही चोट गंभीर न हो?”
कैसे लगी पंत को चोट?
पंत को यह चोट तब लगी जब क्रिस वोक्स की एक फुल लेंथ गेंद सीधे उनके पैर के अंगूठे पर लगी। इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने एलबीडब्ल्यू की अपील की थी, लेकिन रिव्यू में देखा गया कि बल्ले का हल्का सा किनारा लगा था, जिससे पंत बच गए। चोट लगने के तुरंत बाद पंत के पैर से खून निकलता दिखा और उस हिस्से में सूजन भी आ गई थी। मैदान पर उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन दर्द कम न होने पर उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा, जहाँ फ्रैक्चर की पुष्टि हुई।
ऋषभ पंत के बाहर होने से भारतीय टीम को एक बड़ा झटका लगा है, खासकर ऐसे महत्वपूर्ण टेस्ट मैच में। यह देखना दिलचस्प होगा कि उनकी अनुपस्थिति में टीम कैसे तालमेल बिठाती है और क्या आईसीसी टेस्ट क्रिकेट के नियमों में बदलाव पर विचार करती है।