भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आने वाले महीनों में एक ऐतिहासिक कमर्शियल स्पेस मिशन की तैयारी कर रहा है। इस मिशन के तहत टेक्सास स्थित कंपनी एएसटी स्पेसमोबाइल (AST SpaceMobile) का 6,500 किलोग्राम वजनी ब्लॉक-2 ब्लूबर्ड (Block-2 BlueBird) कम्युनिकेशन सैटेलाइट अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। यह कदम वैश्विक सैटेलाइट संचार के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि यह सैटेलाइट सीधे मोबाइल फोन तक ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाएगा, जिससे मोबाइल नेटवर्क टॉवर या अतिरिक्त टर्मिनल की जरूरत नहीं पड़ेगी।
सितंबर में भारत पहुंचेगा सैटेलाइट, लॉन्च साल के अंत तक
इसरो के चेयरमैन वी. नारायणन ने जानकारी दी है कि ब्लॉक-2 ब्लूबर्ड सैटेलाइट सितंबर 2025 तक भारत लाया जाएगा। इसके बाद लगभग तीन से चार महीने के भीतर इसे लॉन्च करने की योजना है। वजन और क्षमता के लिहाज से यह इसरो के सबसे भारी अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल पेलोड्स में शामिल होगा। यह मिशन अमेरिका-निसार (NISAR) परियोजना की सफलता के बाद दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग को और गहराई देगा।
लो-अर्थ ऑर्बिट का सबसे बड़ा कमर्शियल सैटेलाइट
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 में करीब 2,400 वर्ग फीट (लगभग 240 वर्ग मीटर) का विशाल डिप्लॉयेबल कम्युनिकेशन ऐरे लगाया गया है। यह फीचर इसे लो-अर्थ ऑर्बिट (LEO) में अब तक का सबसे बड़ा कमर्शियल कम्युनिकेशन सैटेलाइट बनाता है। सैटेलाइट 5,600 अलग-अलग कवरेज सेल्स के माध्यम से अमेरिका में मोबाइल उपकरणों तक सीधे ब्रॉडबैंड पहुंचाएगा। यह अधिकतम 120 मेगाबिट प्रति सेकंड की पिक डेटा स्पीड देने में सक्षम होगा, साथ ही वॉइस, डेटा और वीडियो सेवाओं का भी सपोर्ट करेगा।
सबसे शक्तिशाली रॉकेट से होगा प्रक्षेपण
इसरो इस सैटेलाइट को अपने सबसे ताकतवर लॉन्च व्हीकल एलवीएम3 (पूर्व में जीएसएलवी मार्क-III) के जरिए अंतरिक्ष में भेजेगा। लॉन्च सतीश धवन स्पेस सेंटर, श्रीहरिकोटा से किया जाएगा और इसकी संभावित समयसीमा 2025 की चौथी तिमाही (अगस्त से दिसंबर) के बीच तय की गई है। मिशन का संचालन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) के तहत किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय स्पेस बाजार में बढ़ेगी इसरो की पकड़
यह न केवल एएसटी स्पेसमोबाइल के ब्लॉक-2 कार्यक्रम का पहला बड़ा लॉन्च होगा, बल्कि इसरो के अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल ग्राहकों के नेटवर्क को भी मजबूत करेगा। अनुमान है कि भविष्य में ब्लूबर्ड सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन के और मिशनों में भी इसरो की अहम भूमिका रहेगी, जिससे भारत की वैश्विक स्पेस मार्केट में स्थिति और सुदृढ़ होगी।
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 की खासियत
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 एक हाई-कैपेसिटी लो-अर्थ ऑर्बिट कम्युनिकेशन सैटेलाइट है, जिसे खासतौर पर मोबाइल डिवाइस तक सीधे ब्रॉडबैंड सेवाएं देने के लिए डिजाइन किया गया है। एएसटी स्पेसमोबाइल का उद्देश्य शुरुआत में अमेरिकी मोबाइल ऑपरेटरों के साथ साझेदारी कर वहां डायरेक्ट-टू-फोन इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। आगे चलकर इस तकनीक को अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है।
अगर आप चाहें, तो मैं इसका थोड़ा और तकनीकी विवरण और असर वाला विस्तारित संस्करण भी तैयार कर सकता हूँ ताकि यह वेब न्यूज़ आर्टिकल और अधिक प्रोफेशनल और जानकारीपूर्ण लगे।