सतना जिले में खरीफ की बुआई के महत्वपूर्ण समय में किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि अन्नदाता रात-रात भर लाइन में खड़े रहकर टोकन पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इस निराशा का नतीजा यह हुआ कि किसानों ने विरोध जताते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग 39 पर जाम लगा दिया। आज, गुरुवार को सतना के दो अलग-अलग गोदामों में किसानों का आक्रोश देखने को मिला।
टोकन व्यवस्था और आपूर्ती का संकट
खासकर नागौद में स्थिति काफी चिंताजनक है, जहाँ जिला प्रशासन ने खाद वितरण के लिए टोकन प्रणाली शुरू की है। लेकिन किसानों की भारी मांग के मुकाबले खाद की आपूर्ति बेहद कम है। इसी तरह की खराब स्थिति मार्कफेड के सतना गोदाम में भी देखी गई, जहाँ गुस्साए किसानों ने सतना-चित्रकूट स्टेट हाईवे को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी व्यवस्था चरमरा गई।
पन्ना-सतना रोड पर स्थित एनएच-39 पर भी किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए सड़क को अवरुद्ध कर दिया। उनका कहना था कि कई दिनों से लाइन में लगने के बावजूद उन्हें न तो खाद मिल रही है और न ही टोकन। सूचना मिलते ही एसडीएम मौके पर पहुँचे और किसानों को समझा-बुझाकर सड़क से हटाया। इसी तरह, मार्कफेड के सिविल लाइन गोदाम में भी तनावपूर्ण माहौल रहा, जहाँ किसान दो दिन से सुबह से लाइन में खड़े थे। टोकन और खाद न मिलने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा, जिसे शांत करने के लिए एसडीएम राहुल सिलड़िया और अन्य अधिकारियों को मौके पर पहुँचना पड़ा।
बाजार में ऊँचे दाम पर खाद बेचने का आरोप
किसानों ने आरोप लगाया कि बाजार में खाद 600 रुपये प्रति बोरी के ऊँचे दाम पर खुलेआम बेची जा रही है। इस पर एसडीएम ने सख्त कार्रवाई करने की बात कही और किसानों से वीडियो सबूत उपलब्ध कराने को कहा, ताकि दोषी व्यापारियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा सके।
किसानों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि खरीफ फसलों की बुआई का सही समय निकल रहा है और खाद की कमी से उनकी पूरी मेहनत और लागत खतरे में पड़ गई है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि जल्द ही अतिरिक्त खाद की खेप मंगाकर स्थिति को सामान्य कर दिया जाएगा, लेकिन फिलहाल किसानों की बेचैनी कम होने का नाम नहीं ले रही।