मध्यप्रदेश के देवास जिले के कराडियापरी गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 13 वर्षीय बालक की उसके दो चचेरे भाइयों ने बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नाबालिग आरोपियों ने कई दिनों से हत्या की साजिश रची थी और शनिवार रात को मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया।
पुरानी रंजिश बनी मासूम की मौत का कारण
देवास जिले के कराडियापरी गांव में शनिवार रात दो नाबालिग चचेरे भाइयों (उम्र 11 और 13 साल) ने अपने ही 13 वर्षीय चचेरे भाई की हत्या कर दी। वारदात का कारण पुराना विवाद और रंजिश थी। मृतक ने पहले दोनों भाइयों की शराब और सिगरेट पीने की शिकायत परिवार से की थी, जिससे वे अपमानित हुए। बाद में उसने छोटे भाई को पीटा और गांव में प्रवेश करने से भी रोका। यह रंजिश हत्या की वजह बनी।
दोनों भाइयों ने कई दिनों तक योजना बनाई और सब्जी काटने वाले चाकू से करीब 20 बार वार करके हत्या कर दी। छोटे भाई ने पीड़ित को पकड़ा, जबकि बड़े भाई ने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए।
यह घटना गांव के बाहरी इलाके में बने एक गोदाम में हुई, जहाँ पीड़ित को गणेश पंडाल के बहाने से बुलाया गया। शनिवार शाम गणेश पूजा के बाद पीड़ित घर से निकला और देर रात तक नहीं लौटा। करीब 11 बजे ग्रामीणों ने उसका खून से लथपथ शव गोदाम के पास पाया। वारदात के बाद दोनों चचेरे भाई घर लौटे, नहाए और खून से सने कपड़े छिपा दिए। बाद में पुलिस की जांच और कुत्ता दल की मदद से उन तक पहुंचा गया।
पुलिस की कार्रवाई:
देवास एसपी पुनीत गहलोत ने बताया, “दोनों भाई कई दिनों से चाकू लेकर घूम रहे थे। जैसे ही मौका मिला, उन्होंने बालक को गोदाम में बुलाया और वारदात को अंजाम दिया।”
दोनों ने पूछताछ में पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन अंततः सच उगल दिया। वारदात में इस्तेमाल चाकू और कपड़े बरामद कर लिए गए।
सोमवार को दोनों नाबालिगों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें उज्जैन स्थित सुधार गृह भेज दिया गया।
करीब 1,500 की आबादी वाले कराडियापरी गांव में इस घटना ने सनसनी फैला दी है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों द्वारा इस तरह की खौफनाक साजिश न केवल दुखद है बल्कि यह सोचने पर मजबूर करती है कि नाबालिग उम्र में इतनी हिंसक प्रवृत्ति कैसे जन्म ले रही है।