आयकर विभाग ने 30 सितंबर तक डेट बढ़ाने की खबरों को बताया अफवाह, आईटीआर फाइलिंग की डेडलाइन 16 सितंबर तक बढ़ी,

नई दिल्ली: आयकर विभाग (Income Tax Department) ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि को एक दिन बढ़ाकर 16 सितंबर कर दिया है। इससे पहले 15 सितंबर तक डेडलाइन थी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही खबरें कि डेट 30 सितंबर तक बढ़ा दी गई है, पूरी तरह अफवाह हैं।

इस साल अब तक 7.3 करोड़ लोगों ने ITR फाइल किया है, जो पिछले साल से करीब 2 लाख ज्यादा है। मई में विभाग ने तकनीकी कारणों से अंतिम तिथि 31 जुलाई से 15 सितंबर कर दी थी। अब इसे तीसरी बार आगे बढ़ाया गया है।

रिटर्न दाखिल करने की प्रोसेस – 4 स्टेप

चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन ने बताया कि ITR दाखिल करने के लिए करदाताओं को चार स्टेप फॉलो करने होंगे—

  1. सभी कागजात तैयार करें – फॉर्म 16, फॉर्म 26AS, AIS, बैंक स्टेटमेंट, निवेश प्रूफ, हाउस लोन डिटेल, किराए की रसीद व कैपिटल गेन की जानकारी।
  2. सही ITR फॉर्म चुनें – ITR-1 से ITR-4 तक आय के स्रोत और प्रकार के आधार पर चयन करें।
  3. ऑनलाइन ITR फाइल करें – आयकर पोर्टल पर लॉगिन कर फॉर्म भरें, टैक्स कैलकुलेट करें और जरूरत पड़ने पर ऑनलाइन पेमेंट करें।
  4. ई-वेरिफिकेशन करें – रिटर्न दाखिल करने के 30 दिन के भीतर आधार OTP, नेट बैंकिंग या डीमैट अकाउंट के जरिए वेरिफिकेशन जरूरी है।

लेट फीस और पेनल्टी

16 सितंबर के बाद ITR दाखिल करने पर ₹5,000 तक जुर्माना लगेगा। 31 दिसंबर के बाद यह जुर्माना ₹10,000 तक हो सकता है। जिनकी सालाना आय ₹5 लाख तक है, उन्हें अधिकतम ₹1,000 लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्स बाकी है तो उस पर हर महीने 1% ब्याज भी देना होगा।

विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि करदाता गलत डिडक्शन क्लेम करने से बचें, क्योंकि आयकर विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने पर नोटिस आ सकता है।