आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता संस्कृति से ‘आत्मनिर्भर विकसित भारत’ की दिशा में मजबूत पहल

जयपुर: क्वालिटी सर्कल फोरम ऑफ इंडिया (QCFI) के जयपुर सब चैप्टर द्वारा आयोजित 19वां क्वालिटी कॉन्सेप्ट अधिवेशन मणिपाल यूनिवर्सिटी में सफलतापूर्वक  27 सितंबर को सम्पन्न हुआ। “आत्मनिर्भर विकसित भारत” की थीम पर केंद्रित इस दो दिवसीय अधिवेशन में 20 से अधिक प्रमुख कंपनियों से आए 51 दलों और 250 प्रतिभागियों ने कार्यस्थल पर समस्या समाधान (Problem Solving) के अपने नवाचार प्रस्तुत किए।

उद्योग और शिक्षा जगत साथ आए: प्रस्तुत हुए 51 केस स्टडी

अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों में कार्यस्थल की समस्याओं की पहचान करने और उन्हें व्यवस्थित वैज्ञानिक पद्धति से हल करने की क्षमता विकसित करना था। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियां सिक्स सिग्मा, केज़ेन, शेनींन, क्वालिटी सर्कल और लिन सर्कल जैसी उन्नत गणितीय पद्धतियों का उपयोग करके दीं।

अधिवेशन का शुभारंभ मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर के अध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) नीति निपुण शर्मा ने किया। उन्होंने इस अवसर को उद्योग और शिक्षा जगत के एक साथ आने के लिए महत्वपूर्ण बताया और परिसर में राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित करने का सुझाव भी दिया।

विशिष्ट अतिथि डॉ. नरेंद्र कुमार शर्मा (चेयरमैन, राजसमंद चैप्टर) ने इच्छा व्यक्त की कि मणिपाल यूनिवर्सिटी हार्वर्ड बिज़नेस स्कूल या एमआईटी जैसे उच्च संस्थान भारत में निर्मित करे, ताकि भारतीय विद्यार्थियों को विदेश का रुख न करना पड़े। श्री अनिल कुमार शर्मा (कॉर्पोरेट क्वालिटी हेड, बी.के. टायर्स) ने जोर दिया कि तकनीकी शिक्षा संस्थान और उद्योग मिलकर इंडस्ट्री 4.0 और 5.0 पर प्रभावी रूप से काम कर सकते हैं।चैप्टर के चेयरमैन श्री मनोज मेश्राम ने अतिथियों का स्वागत किया और अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया।

मुख्य मूल्यांकनकर्ता डॉ. राजेश सोलंकी ने बताया कि अधिवेशन के दौरान 6 समानांतर कक्षों में एक ही समय पर 51 केस स्टडी प्रस्तुत की गईं। इन प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञों की टीम द्वारा किया गया।

प्रमुख प्रतिभागी संस्थानों में शामिल थे: नैशनल बेयरिंग कंपनी, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, अशोक लीलैंड, टाटा पावर, श्रीराम पिस्टन एण्ड रिंग्स, सिक्योर मीटर्स, जेके लक्ष्मी सीमेंट, अडानी पोर्ट और एनएलसी इंडिया लिमिटेड सहित अन्य कंपनियाँ।

समापन सत्र: ‘गुणवत्ता संस्कृति’ ही आत्मनिर्भरता की कुंजी

समापन सत्र में मुख्य अतिथि श्री नरेंद्र कुमार जैन (अध्यक्ष – एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान) और विशिष्ट अतिथि श्री निशांत सिंह (प्लांट हेड – आशीर्वाद पाइप्स) ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।

श्री जैन ने कहा कि “गुणवत्ता संस्कृति को अपनाना ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कदम है।” उन्होंने कहा कि जब कर्मचारी समस्याओं को वैज्ञानिक पद्धति से हल करते हैं, तब न केवल संस्थान की उत्पादकता बढ़ती है, बल्कि देश की औद्योगिक प्रगति में भी सीधा योगदान होता है। एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान ने गुणवत्ता की इस यात्रा में निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

अधिवेशन का सफल संचालन यूनिवर्सिटी की डॉ प्रभात दीक्षित ने किया।

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