झाबुआ के 35 गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटी, फोरलेन निर्माण का रास्ता साफ

झाबुआ जिले के पेटलावद, थांदला और मेघनगर क्षेत्र के 35 गांवों के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी फोरलेन नेशनल हाईवे के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण के चलते लगी खरीद-बिक्री पर रोक (Land Sale Ban) हटा ली गई है। त्यौहारों से पहले जारी हुए इस आदेश से अब ग्रामीण अपनी जमीन की खरीदी-बिक्री कर सकेंगे, जिससे क्षेत्र के रियल एस्टेट मार्केट में तेजी आने की उम्मीद है।

कलेक्टर ने जारी किया आदेश, इन गांवों को मिली राहत

प्रस्तावित फोरलेन नेशनल हाईवे जिन गांवों से होकर गुजरना था, वहाँ जमीन की प्रकृति और श्रेणी में परिवर्तन के साथ ही उनकी खरीद-बिक्री पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई थी। इसमें पेटलावद क्षेत्र के सर्वाधिक 18 गांव, थांदला क्षेत्र के 13 गांव और मेघनगर क्षेत्र के 4 गांव शामिल थे। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने प्रभावित गांवों में रोड निर्माण के लिए आवश्यक खसरा नंबरों को चिह्नित करने के साथ उनका प्रकाशन कर दिया है। इसके बाद, कलेक्टर नेहा मीना ने प्रभावित गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री पर लगी रोक को हटाने का आदेश जारी कर दिया।

₹1900 करोड़ की लागत से बनेगा 80 किमी का फोरलेन

बदनावर-पेटलावद-थांदला-टिमरवानी 80 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन नेशनल हाईवे का निर्माण करीब ₹1900 करोड़ की लागत से किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण मार्ग को 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह मार्ग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ेगा, जिससे तीन राज्यों—मध्य प्रदेश, गुजरात और राजस्थान—के बीच आवागमन सुगम होगा। यह नया नेशनल हाईवे धार जिले के भैंसोला में बन रहे पीएम मित्रा मेगा टेक्सटाइल पार्क से भी जुड़ा रहेगा, जिससे न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।