छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित प्रसिद्ध बागेश्वर धाम गढ़ा में नवरात्रि साधना के समापन पर एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। बागेश्वर धाम के प्रमुख, बागेश्वर महाराज (धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री) ने घोषणा की है कि उनके गुरु सन्यासी बाबा के आदेश के बाद अब धाम पर आने वाले VIP और VVIP सिफारिशकर्ताओं से प्राथमिकता के आधार पर मुलाकात नहीं की जाएगी।
महाराज केवल उन्हीं श्रद्धालुओं से मिलेंगे, जो सच्चे भक्त बनकर बिना किसी सिफारिश या प्रोटोकॉल के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुँचते हैं।
गुरु के आदेश पर लिया निर्णय
बागेश्वर महाराज ने भक्तों को बताया कि यह निर्णय उन्हें साधना के दौरान गुरु सन्यासी बाबा द्वारा दिए गए कड़े आदेश के बाद लेना पड़ा है।
महाराज ने बताया कि साधना के दौरान गुरु ने उन्हें डांटते हुए कहा कि VIP और VVIP मुलाकातों के कारण गरीब, असहाय और दूर-दराज से किराया खर्च कर धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की पीड़ा अनसुनी रह जाती है और वे निराश होकर लौटते हैं। गुरु ने आदेश दिया कि अब से बागेश्वर धाम पर प्रोटोकॉल और सिफारिश वाले VIP और VVIP को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। यदि वे आते हैं तो उन्हें अलग से समय दिया जाएगा, लेकिन पहला अवसर गरीब, असहाय, मरीज और सच्चे श्रद्धालुओं को ही मिलेगा।
महाराज ने प्रण लिया है कि गुरु जी की आज्ञा का उल्लंघन नहीं होगा।
केन नदी पर किया व्रत का समापन
नवरात्रि की नौ दिवसीय साधना पूर्ण होने के बाद दशमी के दिन बागेश्वर महाराज ने बुंदेलखंड की गंगा कही जाने वाली केन नदी में पहुंचकर व्रत का समापन किया।
इस अवसर पर बनारस से आए आचार्यों ने वेद मंत्रों के साथ व्रत पूर्ण कराया। इसके बाद धाम पर आयोजित दिव्य दरबार में महाराज श्री ने भक्तों को बताया कि उन्होंने साधना के दौरान 11 लाख बार पंचमुखी हनुमान नाम का जप और माता रानी की आराधना कर उसे अपने आराध्य बागेश्वर बालाजी के चरणों में समर्पित किया।
भक्तों की अर्जियां पहले की तरह सुनी जाएंगी
बागेश्वर महाराज ने स्पष्ट किया कि दर्शन और अर्जी की प्रक्रिया पहले की तरह ही जारी रहेगी
बालाजी की आज्ञा से दिव्य दरबार में भक्तों की अर्जियां सुनी जाएंगी और पर्चे बनाए जाएंगेपूर्व की ही भांति शाम को मरीजों के दर्शन के समय श्रद्धालुओं को सिद्ध अभिमंत्रित भभूति भी प्रदान की जाएगी। यह क्रम आगे भी जारी रहेगा और प्रत्येक गुरुवार को नई नियमावली के तहत भक्तों से मुलाकात कर मंदिर प्रांगण से ही सिद्ध भभूति का वितरण किया जाएगा।