सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: ठेकेदार के कर्मचारी नियमित सरकारी नौकरी के बराबर नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी तीसरे पक्ष की एजेंसी या ठेकेदार के माध्यम से काम पर रखे गए कर्मचारी सरकारी विभागों या स्थानीय निकायों के नियमित कर्मचारियों के बराबर दर्जा, वेतन या अन्य लाभों का दावा नहीं कर सकते। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह फैसला […]