तेलंगाना की फार्मा यूनिट में हुआ भयानक ब्लास्ट, रिएक्टर फटने से 34 कर्मचारी घायल,12 लोगों की हुई मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

Telangana’s pharma unit Blast: तेलंगाना के संगारेड्डी ज़िले में सोमवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब पसामैलाराम औद्योगिक क्षेत्र (फेज‑1) में स्थित सिगाची फार्मा इकाई के रिएक्टर में भीषण विस्फोट हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि आसपास की इमारतों की खिड़कियों के शीशे तक चटक गए और फैक्टरी परिसर में गहरा धुआँ फैल गया।

दमकल की त्वरित कार्रवाई

घटना की खबर मिलते ही दमकल विभाग के दस्ते ने मौके पर पहुँचकर आग पर काबू पाने के लिए कई लाइनें बिछाईं। अधिकारियों ने बताया कि रिएक्टर फटते ही संयंत्र के भीतर रसायन फैल गया, जिससे आग ने तेजी से विकराल रूप धारण किया। बचावकर्मियों ने संयंत्र में फँसे कर्मचारियों को बाहर निकालते हुए आग की लपटों को मुख्य रिएक्शन क्षेत्र तक सीमित रखने की कोशिश की, ताकि रासायनिक रिसाव न फैले।

घायल कर्मचारियों का इलाज जारी

प्रारम्भिक सूचना के मुताबिक, हादसे में 15 से 20 कर्मचारी झुलस गए हैं। सभी घायलों को नज़दीकी सरकारी अस्पताल और निजी बर्न सेंटरों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनकी हालत पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि कुछ घायल कर्मियों की हालत गंभीर है, जिनका विशेष इलाज किया जा रहा है।

प्रशासन ने दिए जाँच के आदेश

संगारेड्डी जिला कलेक्टर ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फैक्टरी प्रबंधन और सुरक्षा निरीक्षकों से तत्काल रिपोर्ट माँगी है। प्रारम्भिक तौर पर माना जा रहा है कि रिएक्टर में दबाव बढ़ जाने से विस्फोट हुआ, लेकिन सटीक कारणों की पुष्टि तकनीकी जाँच के बाद ही हो सकेगी। तेलंगाना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एक टीम भी संयंत्र में मौजूद रसायनों और संभावित पर्यावरणीय असर का आकलन कर रही है।

कंपनी और इलाके की पृष्ठभूमि

सिगाची फार्मा, पसामैलाराम औद्योगिक क्षेत्र की प्रमुख दवा और रसायन इकाइयों में से एक है, जहाँ विभिन्न एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) का उत्पादन होता है। इलाके में बड़ी संख्या में फार्मा और केमिकल इकाइयाँ संचालित हैं, जिसके कारण प्रशासन नियमित रूप से सुरक्षा ऑडिट कराने का दावा करता रहा है।

स्थानीय प्रशासन की अपील

धमाके के बाद से फैक्टरी के आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल है। पुलिस ने क्षेत्र की घेराबंदी कर आवाजाही सीमित कर दी है, जबकि दमकल अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बाँकी रिएक्टर ठंडे रहें। प्रशासन ने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही फैक्टरी प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि वे घायलों के इलाज और पीड़ित परिवारों को आवश्यक सहायता मुहैया कराएँ।

ताज़ा जानकारी के अनुसार, आग काफी हद तक नियंत्रित कर ली गई है, लेकिन रिएक्टर के मलबे को ठंडा करने और किसी भी तरह के रासायनिक रिसाव को रोकने के प्रयास अब भी जारी हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए अधिकारी अगले अपडेट का इंतज़ार कर रहे हैं।