राहुल बोले- पुलिस ने कान में कहा ‘सरकार हटाइए’, मुझे घसीटा, मुंह से खून आया, लेकिन प्रधान को जाना होगा

लोकसभा विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास के निकट NEET विवाद को लेकर चल रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। राहुल ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने उनके कान में फुसफुसाकर कहा, “सरकार को हटाइए”, जबकि उन्हें घसीटते हुए चोटें पहुंचाई गईं।

राहुल गांधी ने कहा, “मुझे घसीटा गया, मुंह से खून निकला और दो-तीन थप्पड़ भी लगे। लेकिन इसके बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना ही पड़ेगा।” यह बयान NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के आंदोलन के समर्थन में दिए गए धरने के दौरान सामने आया।

प्रदर्शन की पूरी घटना

कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर अचानक धरना शुरू किया। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव समेत कई सांसद मौजूद रहे। पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कोशिश की तो राहुल गांधी ने विरोध जताया। परिणामस्वरूप उन्हें बस की ओर खींचा गया, जिसमें उनकी आंखों के नीचे, नाक पर और छाती पर चोटें आईं।

प्रियंका गांधी वाड्रा को बस में बैठाने के लिए खींचा गया, लेकिन उन्होंने बस के बाहर लटककर विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। राहुल गांधी को एक स्थान पर और प्रियंका को मंदिर मार्ग पुलिस थाने ले जाया गया।

राहुल का संकल्प

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। विपक्ष का कहना है कि NEET मामले में छात्रों के साथ अन्याय हुआ है और सरकार जवाबदेही से बच रही है।

सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और गृह सचिव ने मौके पर पहुंचकर संसद में चर्चा का प्रस्ताव दिया, लेकिन राहुल गांधी ने इसे ठुकरा दिया।