Analog Paneer in Bhopal: राजधानी के होटल/ रेस्टोरेंट/ ढाबों में यदि आप सस्ती पनीर की सब्जी खा रहे हैं, तो जरा सावधान हो जाएं। राजधानी में पनीर का आॅप्शन यानी एनालॉग पनीर जोरों से बिक रहा है। शहर में हर महीने लाखों रुपए का एनालॉग पनीर बिकने की सूचना है। खाद्य कारोबारी मुनाफा कमाने के चक्कर में असली पनीर की जगह एनालॉग पनीर लोगों को परोस रहे हैं। लगातार शिकायतों के कारण हाल ही में खाद्य सुरक्षा विभाग के अफसरों ने राजधानी के अलग-अलग एक दर्जन से अधिक खाद्य संस्थानों से एनालॉग पनीर की जांच को लेकर सैंपल लिए हैं, ताकि जांच हो सके कि पनीर असली है या एनालॉग पनीर है।
मिलावटी खाद्य सामग्री खाने से होती हैं पेट संबंधी बीमारियां
जेपी अस्पताल में पदस्थ पोषण विशेषज्ञ मेडिसिन डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मिलावटी खाद्य सामग्री खाने से पेट संबंधी ज्यादा बीमारियां होती हैं। अगर हम एनालॉग पनीर की बात करें, तो इसमें प्रोटीन की मात्रा अच्छी नहीं होती है और इसमें कैल्शियम भी कम होता है। अगर हम स्वास्थ्य फायदे की बात करें, तो ये प्रोटीन और कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। जो स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।
लेकिन एनालॉग पनीर में ट्रांस फैट और कई तरह के तेल भरपूर मात्रा में होते हैं। अगर हम नियमित रूप से एनालॉग पनीर का सेवन करते हैं, तो ये दिल से जुड़ी कुछ समस्याएं पैदा कर सकता है। ये आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा सकता है।
पनीर 400 रुपए और एनालॉग 200 से 250 रु. प्रतिकिलो
बताया जा रहा है कि राजधानी में रोजाना 5 हजार किलो पनीर की खपत होती है। इसमें 40 फीसदी से ज्यादा एनालॉग पनीर बिक रहा है, क्योंकि वह सस्ता है। पनीर का भाव इन दिनों 400 रुपए प्रतिकिलो है, वहीं, एनालॉग पनीर 200 से 250 रुपए किलो बिक रहा है।
एनालॉग पनीर क्या है?
पारंपरिक पनीर नींबू के रस या सिरके जैसे एसिड को ताजा दूध में डालकर बनाया जाता है। जबकि एनालॉग पनीर, आमतौर पर इमल्सिफायर, स्टॉर्च और वनस्पति तेल से बनता है। डेयरी पनीर के मुकाबले एनालॉग पनीर सस्ता होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि कई तरह के एनालॉग पनीर को बनाने में घटिया तेल और दूसरी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत को खराब कर सकती हैं। एनालॉग डेयरी प्रॉडक्ट को असली डेयरी प्रॉडक्ट नहीं कहा जा सकता।