लव-जिहाद में पकड़े गए आरोपियों की बैंक डिटेल खंगाल रही पुलिस

उत्तर प्रदेश एटीएस और ईडी की जांच जैसे-उत्तर प्रदेश एटीएस और ईडी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, छांगुर बाबा की सच्चाई परत-दर-परत बेनकाब होती जा रही है। क्योंकि जिस तरह से भोपाल में लव जिहाद के मामले सामने आए है। उसको देखते हुए पुलिस का अनुमान है कि छांगुर बाबा का कनेक्शन भोपाल से भी जुड़ा हो सकता है। इसलिए पुलिस अब लव जिहाद में पकड़े गए आरोपियों के बैक खातों की डिटेल खंगाल रही है। जिससे पता चल सके कि छांगुर ने भोपाल में भी फंडिंग तो नहीं की। हालांकि छांगुर की फंडिंग को लेकर यूपी पुलिस भी अपनी पड़ताल कर रही है। भोपाल में भी लव जिहाद के मामले पकड़े गए हैं। इसलिए पुलिस को संदेह है कि छांगुर बाबा भी फंडिंग कर सकता है। क्योंकि पकड़े गए लव जिहाद के मामले में मुख्य आरोपी फरहान के पास भी लाखों की फंडिंग हुई थी। जिसका खुलासा भोपाल पुलिस नहीं कर सकी थी। इसलिए अनुमान लगाया जा रहा है कि छांगुर बाबा भोपाल में लव जिहाद फैलाने वाले लोगों को फंडिंग कर रहा था।

लव जिहाद के लिए तैयार की थी 1000 मुस्लिम युवकों की फौज

छांगुर बाबा का जाल महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला था। पूरे नेटवर्क को वो विदेशी फंडिंग के जरिए मजबूत करता था। एटीएस ने खुलासा किया कि उसने लव जिहाद के लिए मुस्लिम युवकों की फौज तैयार की थी। बीते तीन वर्षों में 1000 से ज्यादा मुस्लिमों को इस काम के लिए कैश पेमेंट दी गई।

ऐसे फंसाता था लड़कियों को

छांगुर की योजना थी कि आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू परिवारों की लड़कियों को फंसाकर उनका धर्मांतरण कराया जाए। फिर इनका निकाह नेपाल में आईएसआई के एजेंटों और स्लीपर सेल से करवा दिया जाए. ये महिलाएं बाद में जासूसी के नेटवर्क का हिस्सा बन सकें। इसके लिए बाकायदा कोडवर्ड सिस्टम भी विकसित किया गया था। छांगुर बाबा का नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था।

लव जिहाद को लेकर पुलिस ने जारी की थी एडवाइजरी

राज्य साइबर पुलिस ने युवतियों और महिलाओं के लिए एडवाइजरी जारी की थी। इसमें अंतरंग फोटो या वीडियो न बनाने, न ही मोबाइल में सेव करने और स्कूल-कॉलेज या सोशल मीडिया पर अनजान व्यक्तियों से दोस्ती न करने की सलाह दी गई थी। यह कदम भोपाल के एक प्राइवेट कॉलेज में लव जिहाद मामले के बाद उठाया गया था।