उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 29 जुलाई को नागपंचमी पर्व मनाया जाएगा। रविवार के अवकाश के बाद श्रावण सोमवार पर महाकाल की सवारी भी निकाली जाएगी। इसके बाद मंगलवार को नागपंचमी के चलते महाकाल की नगरी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ेगा। ऐसे में जिला प्रशासन और महाकाल मंदिर समिति के सामने क्राउड मैनेजमेंट की चुनौती होगी। इस चुनौती को लेकर कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों की बैठक में क्राउड मैनेजमेंट के साथ अन्य तैयारियों की समीक्षा की गई।
इस अवसर पर मंदिर परिसर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर के पट 28 जुलाई की रात 12 बजे खोले जाएंगे। पूजन के बाद रात करीब 1 बजे से आम श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति मिलेगी। दर्शन का सिलसिला 29 जुलाई की रात 12 बजे तक लगातार जारी रहेगा।
तीन दिन रहेगा श्रद्धालुओं का भारी दबाव
श्रावण मास और नागपंचमी को लेकर 26 जुलाई शनिवार से ही श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो जाएगा। रविवार का अवकाश, सोमवार को महाकाल की सवारी और मंगलवार को नागपंचमी पर्व होने के कारण दर्शनार्थियों की भीड़ तीन दिन तक लगातार बनी रहेगी। प्रशासन का अनुमान है कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होगी, ऐसे में सुरक्षा और सुविधा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।