राजधानी में लगातार बिगड़ रही ई-रिक्शा पार्किंग व्यवस्था को लेकर नई नीति बनाई जा रही है। अब पार्किंग स्थल सुबह 8 से लेकर रात 11 बजे तक खुलेंगे, भले की मार्केट की टाइमिंग कुछ भी रहे। यही नहीं, यहां पर खड़े होने वाले स्थायी वाहनों पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम नागरिकों को वाहन खड़े करने में समस्या ना हो। इसके अलावा, शहर के पार्किंग स्थल पर चली आ रही मासिक पास की व्यवस्था को तत्काल खत्म करने की बात की गई है। गत दिवस राजधानी की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए नए कंट्रोल रूम में बैठक हुई। यह बैठक सांसद आलोक शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में शहर की सड़कों के लेफ्ट टर्न में सुधार कार्य को तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में ई-रिक्शा के संचालन को लेकर चर्चा शुरू हुई। कलेक्टर ने कहा कि स्कूलों में इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर रहे हैं। अभिभावकों से अपील की जा रही है कि वो भी इसमें बच्चों को न भेजें।
कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र सहित अन्य विभागों के अफसर मौजूद रहे। शहर के लेफ्ट टर्न सुधारने के लिए 3 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है।
मैनिट के एक्सपर्ट बनाएंगे रिपोर्ट, एस्टीमेट
अफसरों को एक सप्ताह में लेफ्ट टर्न व्यवस्था सुधारने का प्लान एस्टीमेट के साथ तैयार करके देने को कहा गया है। शहर के 42 चौराहे हैं, जिनमें लेफ्ट टर्न की समस्या है। इनमें 29 चौराहे पीडब्ल्यूडी और 13 नगर निगम के हैं। दोनों विभाग के अधिकारी मैनिट के ट्रैफिक एक्सपर्ट के साथ मिलकर इन सभी चौराहों की रिपोर्ट एस्टीमेट के साथ प्रस्तुत करेंगे।
कलेक्टोरेट को कहीं शिफ्ट करने की जरूरत नहीं
कलेक्टोरेट और अन्य दफ्तरों को प्रोफेसर कॉलोनी शिफ्ट करने की बजाय लगभग 10 साल पहले इस परिसर के रिनोवेशन के लिए बने प्लान पर अमल किया जाए। यह बात गुरुवार को सांसद शर्मा ने शिफ्टिंग के संबंध में हुई बैठक में कही। सांसद शर्मा ने मैनिट के प्रोफेसर डॉ. आशुतोष शर्मा को भी इस बैठक में बुलाया था। डॉ. आशुतोष शर्मा ने उस समय बने प्लान का प्रेजेंटेशन भी दिखाया।