थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष में 33 की मौत,थाईलैंड ने मार्शल लॉ घोषित किया

Thailand-Cambodia conflict: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच एक हज़ार साल पुराने दो शिव मंदिरों को लेकर शुरू हुआ सीमा विवाद तीसरे दिन भी जारी रहा, जिसने दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव पैदा कर दिया है. इस संघर्ष में अब तक 33 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्रीय शांति पर चिंता बढ़ गई है.

कंबोडिया ने दागीं ग्रैड मिसाइलें

कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस झड़प में उसके 13 लोग मारे गए हैं, जिनमें 8 नागरिक और 5 सैनिक शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, 71 लोग घायल हुए हैं. वहीं, थाईलैंड की ओर से भी 20 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है, जिनमें 14 नागरिक और 6 सैनिक शामिल हैं. इस बीच, कंबोडिया ने थाईलैंड पर ग्रैड मिसाइलें दागने का आरोप लगाया है, जिससे हुए नुकसान के बाद थाईलैंड ने अपने 8 जिलों में मार्शल लॉ लागू कर दिया है.

संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता की अपील

संघर्ष को रोकने के प्रयासों के तहत, कंबोडिया ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) से तत्काल हस्तक्षेप कर युद्ध रोकने की मांग की. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक में कंबोडिया के राजदूत ने स्पष्ट किया, “हम शांति चाहते हैं और बातचीत से हल निकालना चाहते हैं.” वहीं, थाईलैंड ने भी संकेत दिया कि लड़ाई अब धीमी पड़ गई है और वह भी बातचीत के लिए तैयार है. थाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि यदि कंबोडिया चाहे, तो वे मलेशिया की मदद से भी वार्ता करने को तैयार हैं.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने शुक्रवार को न्यूयॉर्क में बंद कमरे में एक आपात बैठक की, जिसमें सभी 15 सदस्य देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान निकालने की अपील की. कंबोडिया के यूएन राजदूत छेआ कीओ ने जोर देकर कहा, “हम बिना शर्त युद्धविराम चाहते हैं. हमारी कोई आक्रामक मंशा नहीं है; हम एक छोटे देश हैं, हमारे पास वायुसेना तक नहीं है.”

नागरिकों को सीमावर्ती इलाकों से दूर रहने की सलाह

इस बढ़ते विवाद को देखते हुए, थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावास ने एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है. इसमें भारतीय नागरिकों से थाईलैंड और कंबोडिया सीमा के पास स्थित 7 राज्यों में जाने से बचने की अपील की गई है. इन राज्यों में उबोन रत्चथानी, सुरिन, सिसाकेत, बुरीराम, सा काओ, चंथाबुरी और ट्राट शामिल हैं. दूतावास ने यह भी कहा है कि किसी भी आपात स्थिति में भारतीय नागरिक उनसे संपर्क कर सकते हैं.