अमेरिका ने जारी की संशोधित टैरिफ लिस्ट,पाक को ‘विशेष’ राहत, चीन का भी नाम नहीं, 7 अगस्त से लागू

America released revised tariff list: अमेरिका ने भारत समेत कई अन्य देशों पर लगने वाला टैरिफ एक हफ्ते के लिए टाल दिया है। पहले ये टैरिफ 1 अगस्त से लागू होना था, लेकिन अब यह 7 अगस्त से लागू होगा। गुरुवार को व्हाइट हाउस ने उन देशों की सूची जारी की, जिन पर अमेरिकी सरकार ने टैरिफ लगाया है या फिर संशोधित किया है। पारस्परिक टैरिफ दरों में और संशोधन शीर्षक वाले एक कार्यकारी आदेश में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर के लगभग 70 देशों के लिए टैरिफ दरों की घोषणा की। इसमें भारत पर 25% और पाकिस्तान पर 19% टैरिफ लगाया गया है। साउथ एशिया में सबसे कम टैरिफ पाकिस्तान पर लगा है। अमेरिका ने पहले पाकिस्तान पर 29% टैरिफ लगा रखा था।

वहीं दुनियाभर में सबसे ज्यादा 41% टैरिफ सीरिया पर लगाया गया है। इस लिस्ट में चीन का नाम शामिल नहीं है। कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार और सुरक्षा समझौते करने के लिए कुछ व्यापारिक साझेदार देश सहमत हो गए हैं और कुछ सहमत होने के कगार पर हैं।

व्हाइट हाउस की मांग…भारत-पाक संघर्ष रुकवाने के लिए टंÑप को मिले शांति का नोबेल पुरस्कार

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष सहित दुनिया भर में कई संघर्षों को समाप्त किया है। अब थाईलैंड और कंबोडिया, इजराइल और ईरान, रवांडा और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, भारत और पाकिस्तान, सर्बिया और कोसोवो, मिस्र और इथियोपिया के बीच संघर्षों को समाप्त कर दिया है। इसलिए उन्हें शांति का नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। गौरतलब है कि 10 मई को ट्रंप ने भारत पाक के बीच सीजफायर का ऐलान किया था।

इंडियन रिफाइनरी कंपनियां पीछे हटी, रूस से तेल इंपोर्ट पर लगाई रोक

टैरिफ को लेकर अमेरिका के दबाव के बीच भारत की कई सरकारी तेल रिफाइनरी कंपनियों ने रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अस्थाई तौर पर रोक लगा दी है।

इनमें इंडियन आॅयल कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और मैंगलोर रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल जैसी तेल रिफाइनरी कंपनियां शामिल हैं। इन्होंने रूस से कच्चे तेल खरीदना फिलहाल रोक दिया है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि सरकारी कंपनियों ने बीते हफ्ते से कच्चा तेल इंपोर्ट नहीं किया है। अभी तक इन कंपनियों और सरकार की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं आया है। हालांकि, रिलायंस और नायरा जैसी भारत की निजी तेल रिफाइनरी कंपनियां सालाना सौदे के तहत अभी भी रूस का तेल आयात कर रही हैं।

अमेरिका से एफ-35 फाइटर जेट नहीं खरीदेगा, भारत: ब्लूमबर्ग

टैरिफ ऐलान के बाद भारत ने अमेरिकी स्टिल्थ फाइटर जेट एफ-35 खरीदने की किसी भी योजना से इन्कार कर दिया है। ब्लूमबर्ग ने भारत सरकार के सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। गोपनीयता की शर्त पर अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार ने अमेरिका को बता दिया है कि वह एएफ-35 समेत निकट भविष्य में उससे कोई भी बड़ी रक्षा खरीद नहीं करने जा रही है। इन अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि भारत रक्षा खरीद में हथियारों के संयुक्त विकास, तकनीक के हस्तांतरण, भारत में निर्माण और आत्मनिर्भरता जैसी शर्तों को प्राथमिकता देता रहेगा। अमेरिकी रक्षा अधिकारी यह संकेत देते रहे हैं कि फरवरी में पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप के बीच वार्ता में विमानों की खरीदी पर बात हुई थी।