गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री विजय शाह के इस्तीफे को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने उन पर सेना का अपमान करने का अरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की। अपनी मांग को लेकर कांग्रेसी विधायक गर्भ गृह में आ गए और नारेबाजी करने लगे। इधर भाजपा विधायकों ने भी कांग्रेस पर सेना का अपमान करने का आरोप लगाया।
प्रश्न काल के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने भोपाल गैस त्रासदी मंत्री से पूछा था कि गैस पीड़ित निगरानी समिति द्वारा कितनी त्रैमासिक रिपोर्ट जबलपुर हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई है। इस प्रश्न का जवाब देने के लिए जैसे ही मंत्री विजय शाह खड़े हुए, वैसे ही विधायक फूल सिंह बरैया ने बोलना शुरू कर दिया, उन्होंने कहा कि जिस मंत्री ने सेना का अपमान किया उनका इस्तीफा होना चाहिए। बरैया के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कैसी पार्टी है सेना का अपमान किया, इनका जवाब कांग्रेस विधायक नहीं सुनेंगे। इसके बाद कांग्रेस के विधायक नारेबाजी करते हुए गर्भ गृह में आ गए।
शोर शराबे के बीच संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन लोगों ने सेना का अपमान किया है। ये लोग पाकिस्तान और चीन की तरफदारी करते हैं। हंगामे को शांत करने के लिए अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अभी प्रश्न काल हो जाने दीजिए इसके बाद इस पर बात कर लेंगे। इसके बाद भी कांग्रेस विधायक हंगामा करते रहे। जिसके चलते अध्यक्ष ने दोपहर एक बजे तक सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
सीएम डॉ. यादव ने की स्पीकर से चर्चा
कार्यवाही स्थगित होने के बाद कुछ कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकले, वहीं कुछ सदस्य गर्भगृह में ही बैठ गए। दूसरी ओर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के कैबिन में जाकर उनसे चर्चा की। उनके साथ मंत्री कैलाश विजयवर्गी, प्रहलाद पटेल और विजय शाह के अलावा वरिष्ठ विधायक मौजूद रहे।