ROB निर्माण में बड़ा अपडेट: भोपाल के ’90 डिग्री’ पुल का डिजाइन बदला, ट्रैफिक जाम और दुर्घटना से मिलेगी निजात

भोपाल में स्थित 90 डिग्री मोड़ वाले रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के निर्माण में एक बड़ा बदलाव किया जा रहा है। काफी समय तक विवादों में रहने के बाद, अब यह निर्णय लिया गया है कि पुल के मोड़ का रेडियस 10.7 मीटर बढ़ाया जाएगा, जिससे यह खतरनाक 90 डिग्री का घुमाव नहीं रहेगा। इस बदलाव से वाहनों की आवाजाही सुरक्षित होगी और दुर्घटनाओं का जोखिम भी कम होगा। साथ ही, ट्रैफिक जाम की समस्या से भी निजात मिलने की उम्मीद है।

विशेषज्ञ समिति ने दिए अहम सुझाव

इस पुल के निर्माण में हुई त्रुटियों के बाद, एक केंद्रीय विशेषज्ञ समिति ने मौके का निरीक्षण किया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट में ब्रिज के डिजाइन में महत्वपूर्ण बदलाव की सिफारिश की, जिसमें रेडियस को बढ़ाना सबसे प्रमुख है। विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान में 6 मीटर का छोटा रेडियस बड़े और भारी वाहनों के लिए जोखिम भरा है, जिससे मोड़ पर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। रेलवे अधिकारियों ने भी इस बदलाव पर अपनी सहमति दे दी है, और इसे भविष्य की जरूरतों के लिए आवश्यक बताया है।

परियोजना में देरी और भ्रष्टाचार के आरोप

यह परियोजना पहले से ही अपनी निर्धारित समय सीमा से एक साल से अधिक देरी से चल रही है। 17 करोड़ 37 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस ब्रिज का निर्माण अगस्त 2024 में पूरा होना था, लेकिन अगस्त 2025 में भी यह अधूरा है। जब 90 डिग्री मोड़ वाली इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, तो यह राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बन गया था। इसके बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं संज्ञान लिया और जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर, लोक निर्माण विभाग के 8 इंजीनियरों को निलंबित किया गया, जिसमें दो मुख्य अभियंता भी शामिल थे। इसके अलावा, निर्माण एजेंसी और डिजाइन कंसल्टेंट को भी ब्लैकलिस्ट किया गया है।

नई DPR होगी तैयार, बढ़ेगी उम्मीद

इस बदलाव के लिए अब एक नई डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार की जाएगी। इस काम में राज्य सरकार, नगर निगम और रेलवे मिलकर काम करेंगे। अधिकारियों का दावा है कि इस बदलाव से परियोजना की समय-सीमा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। स्थानीय निवासियों और यात्रियों को उम्मीद है कि यह बदलाव शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगा और लोगों को रोजमर्रा की दिक्कतों से राहत मिलेगी।