सुशीला कार्की ने ठुकराया अंतरिम पीएम पद, अब कुलमान घिसिंग का नाम आगे

काठमांडू: नेपाल इस समय गहरे राजनीतिक संकट से गुजर रहा है। केपी शर्मा ओली सरकार के पतन और Gen-Z प्रदर्शनों के बीच पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की का नाम अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए सबसे आगे चल रहा था। लेकिन गुरुवार को उन्होंने यह जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया और अपना नाम वापस ले लिया।

अब अंतरिम प्रधानमंत्री पद की रेस में नया नाम सामने आया है— कुलमान घिसिंग, जो नेपाल बिजली प्राधिकरण (NEA) के पूर्व सीईओ रह चुके हैं। उन्हें ‘लाइट मैन’ के नाम से जाना जाता है क्योंकि उन्होंने देश में बिजली संकट दूर करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

सेना प्रमुख से आधी रात मुलाकात

रिपोर्ट्स के अनुसार, कार्की शुरू से ही यह जिम्मेदारी नहीं लेना चाहती थीं। सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिग्देल बुधवार देर रात उनके धापासी स्थित घर पहुँचे और रात 2 बजे तक लंबी बातचीत हुई। युवाओं और सेना के अनुरोध पर उन्होंने अंतरिम प्रधानमंत्री बनने के लिए हामी भर दी थी, लेकिन राजनीतिक मतभेद और लगातार बढ़ती आलोचनाओं के कारण उन्होंने अंततः अपना नाम वापस ले लिया।

लोगों की राय बंटी हुई

काठमांडू में लोगों की राय कार्की के नाम को लेकर बंटी रही। एक स्थानीय नागरिक ने कहा—
“सुशीला कार्की प्रधानमंत्री नहीं बन सकतीं, क्योंकि वह पहले ही विवादों में रह चुकी हैं। लोग उन्हें पसंद नहीं करते। हमारी पसंद नई पीढ़ी का कोई नेता है, जैसे काठमांडू के मेयर बालेंद्र शाह।”

वहीं, एक अन्य नागरिक ने कहा—
“हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री पद किसी ऐसे नेता को मिले जो जनता से जुड़ा हो और देश को संकट से बाहर निकाल सके।”

कार्की के नाम वापसी के बाद कुलमान घिसिंग का नाम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब यह देखना होगा कि क्या उन्हें सभी पक्षों का समर्थन मिल पाता है और वे नेपाल के नए अंतरिम प्रधानमंत्री बनते हैं या नहीं।