इशाक डार बोले— भारत ने कभी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकवाने का श्रेय खुद को दिया था। डार ने मंगलवार को अलजजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत ने हमेशा यह साफ कर दिया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद केवल द्विपक्षीय बातचीत से ही हल होंगे।

इंटरव्यू के दौरान एंकर ने सवाल किया कि क्या पाकिस्तान संघर्ष के समय किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के लिए तैयार था? इस पर इशाक डार ने जवाब दिया— “हमें कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन भारत ने साफ तौर पर कहा कि यह एक द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है।”

ट्रम्प के दावे पर सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने 10 मई को सबसे पहले दोनों देशों के बीच सीजफायर की जानकारी दी थी। इसके बाद से ही वे 30 से ज्यादा बार सार्वजनिक मंचों पर यह दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय उन्हें जाता है।

हालांकि, भारत ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि सीजफायर दोनों देशों के बीच सीधे संवाद से हुआ है। नई दिल्ली ने साफ कहा है कि इसमें किसी तीसरे पक्ष, चाहे वह अमेरिका ही क्यों न हो, का कोई रोल नहीं था।

 डार का यह बयान न केवल ट्रम्प के दावों को कमजोर करता है, बल्कि भारत के उस पुराने रुख को भी पुष्ट करता है कि भारत-पाकिस्तान संबंधों और विवादों का समाधान केवल द्विपक्षीय वार्ता के ज़रिए ही संभव है।