वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 23 देशों को ड्रग तस्करी और अवैध ड्रग प्रोडक्शन करने वाले देशों की सूची में डाल दिया है। इस लिस्ट में भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चीन, कोलंबिया, बोलिविया और वेनेजुएला जैसे देश शामिल हैं। सोमवार को संसद में सौंपी गई ‘प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन रिपोर्ट’ में ट्रम्प ने कहा कि इन देशों की गतिविधियां अमेरिका और उसके नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। उन्होंने खासतौर पर फेंटेनाइल जैसे ड्रग्स को राष्ट्रीय आपातकाल का कारण बताते हुए कहा कि यह अमेरिका में पब्लिक हेल्थ संकट बन चुका है और 18 से 44 वर्ष के युवाओं की मौत का बड़ा कारण है।
चीन और अफगानिस्तान पर निशाना
ट्रम्प ने चीन को फेंटेनाइल जैसे खतरनाक ड्रग्स का सबसे बड़ा स्रोत बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन मेथामफेटामाइन सहित कई नशीले पदार्थों को बढ़ावा दे रहा है। राष्ट्रपति ने बीजिंग से मांग की कि वह इन रसायनों की सप्लाई रोके और तस्करों पर सख्त कार्रवाई करे।
रिपोर्ट में अफगानिस्तान को लेकर कहा गया कि तालिबान ने भले ही ड्रग्स पर प्रतिबंध का ऐलान किया था, लेकिन देश में मेथामफेटामाइन और अन्य ड्रग्स का उत्पादन जारी है। ट्रम्प ने दावा किया कि इनसे होने वाली आय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गैंग्स और आतंकियों की फंडिंग में इस्तेमाल हो रही है।अमेरिकी विदेश मंत्रालय की टिप्पणी
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अफगानिस्तान, बोलिविया, म्यांमार, कोलंबिया और वेनेजुएला जैसे देश ड्रग्स के खिलाफ ठोस कदम उठाने में नाकाम रहे हैं। हालांकि मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी देश का नाम इस सूची में होना यह साबित नहीं करता कि उसकी सरकार ड्रग्स के खिलाफ बिल्कुल काम नहीं कर रही
ट्रम्प की हालिया कार्रवाइयाँ
राष्ट्रपति बनने के बाद से ट्रम्प ड्रग्स के मुद्दे पर लगातार आक्रामक रुख अपना रहे हैं।
फरवरी 2025 “मेक अमेरिका हेल्दी अगेन” कमीशन की स्थापना। अप्रैल 2025 नेशनल ड्रग कंट्रोल स्ट्रैटजी जारी की। जुलाई 2025 कनाडा पर टैरिफ बढ़ाकर 35% किया, कारण – फेंटेनाइल तस्करी। 15 सितंबर 2025 दावा किया कि 2024 में 30 करोड़ अमेरिकियों की मौत ड्रग्स से हुई, जबकि CDC के मुताबिक यह आंकड़ा सिर्फ 79,383 था। वेनेजुएला में सैन्य हमला
सोमवार को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के ड्रग तस्करों की बोट पर हमला किया। इस ऑपरेशन में 3 लोग मारे गए। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि ये तस्कर नार्को-टेररिस्ट थे और अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा थे।
उन्होंने लिखा – “मेरे आदेश पर अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला से अमेरिका की ओर नशीले पदार्थ ला रहे कार्टेल और नार्को टेररिस्ट पर स्ट्राइक की। इसमें अमेरिकी बलों को कोई नुकसान नहीं हुआ।”
इससे पहले भी दो हफ्ते पहले अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के कुख्यात ट्रेन डी अरागुआ गैंग से जुड़े 11 लोगों को मार गिराने का दावा किया था।