यूरोप में साइबर अटैक से हवाई अड्डों पर हड़कंप; यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

यूरोप: शनिवार को यूरोप के कई बड़े हवाई अड्डों पर साइबर अटैक हुआ, जिसकी वजह से चेक-इन और बोर्डिंग सिस्टम ठप पड़ गए। एयर ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित हुआ, उड़ानों में देरी और कैंसिलेशन दोनों देखने को मिले। यात्रियों को घंटों लंबी कतारों में फंसे रहना पड़ा और उन्हें मैन्युअल चेक-इन पर निर्भर रहना पड़ा।

300 से अधिक उड़ाने प्रभावित 

 इस हमले का सबसे बड़ा असर यात्रियों और एयरपोर्ट प्रबंधन पर पड़ा। ब्रसेल्स एयरपोर्ट के 100 से अधिक, बर्लिन एयरपोर्ट के 60 से ज्यादा और लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट की 140 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरलाइंस कंपनियों को भी शेड्यूल बिगड़ने और अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ा।

 चेक-इन काउंटर ठप

 साइबर हैकर्स ने एयरपोर्ट्स के आईटी नेटवर्क से जुड़े सर्विस प्रोवाइडर की सिस्टम लाइन को हैक कर लिया, जिसके चलते चेक-इन और बैगेज हैंडलिंग सॉफ्टवेयर काम करना बंद कर गए। ब्रसेल्स और बर्लिन एयरपोर्ट को मजबूरी में अपने सिस्टम डिस्कनेक्ट करने पड़े, जबकि हीथ्रो में बैगेज और चेक-इन काउंटर पूरी तरह ठप हो गए। यात्रियों को केवल मैन्युअल प्रोसेस से एंट्री दी गई।

 जांच एजेंसियां की पड़ताल जारी 

 यह साइबर अटैक बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स, जर्मनी के बर्लिन ब्रांडेनबर्ग एयरपोर्ट और ब्रिटेन के लंदन हीथ्रो एयरपोर्ट पर हुआ। हमला शुक्रवार रात (19 सितंबर) को ब्रसेल्स एयरपोर्ट के सर्विस प्रोवाइडर पर हुआ और शनिवार सुबह तक इसका असर अन्य एयरपोर्ट्स पर भी देखा गया। शनिवार दोपहर तक हालात नियंत्रण में नहीं आ पाए थे और कई उड़ानें अब भी लेट थीं।

 अभी तक हमले के पीछे किस साइबर ग्रुप का हाथ है, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सर्विस प्रोवाइडर की सुरक्षा प्रणाली को टारगेट किया गया था। संभावना जताई जा रही है कि यह हमला रैनसमवेयर या राजनीतिक मकसद से किया गया हो। जांच एजेंसियां संभावित साइबर अपराधी संगठनों और उनके उद्देश्यों की पड़ताल कर रही हैं।


यह साइबर अटैक यूरोप की एविएशन सिक्योरिटी के लिए बड़ा अलार्म है। लाखों यात्रियों की सुरक्षा और एयरपोर्ट संचालन पर इसका सीधा असर हुआ है। अब सभी देशों की साइबर सिक्योरिटी एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में इस तरह के खतरों से निपटने की रणनीति बनाई जा सके।