अन्नपूर्णा बीकानेर मिष्ठान भंडार की मठरी खाकर बच्चा हो गया बीमार…

त्यौहारी सीजन में नहीं हो रही मिठाई दुकानों पर जांच, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौन्

अशोकनगर: दीपावली पर यदि आप शहर के गांधी पार्क पर स्थित अन्नपूर्णा बीकानेर मिष्ठान्न भंडार से मिठाई खरीदने का मन बना रहे हैं तो सावधान हो जाएं और अच्छी तरह से देखभाल कर ही मिठाई खरीदें। कुछ दिनों पहले एक ग्राहक ने इस दुकान से मठरी खरीदकर अपने बच्चे को खिलाई तो उसके बच्चे की जान पर बन आई थी। ऐसे में त्यौहार पर आप भी बीमार होने से बचना चाहते हैं तो किसी भी दुकान से मिठाई खरीदने से पहले पड़ताल कर ही खरीदें और पक्का बिल जरूर लें।

अशोकनगर निवासी प्रिंस शर्मा ने सीएम हेल्पलाइन पर बीती 15 सितंबर को शिकायत की थी कि गांधी पार्क स्थित अन्नपूर्णा बीकानेर मिष्ठान्न से उसने मठरी खरीदी थी। प्रिंस के मुताबिक मठरी की क्वालिटी ठीक नहीं थी। खराब तेल के कारण बच्चे की तबीयत खराब हो गई थी। बच्चे को दस्त लग गए थे। शिकायतकर्ता ने जल्द से जल्द कार्यवाही की मांग की थी। पर अभी तक इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं हुई है। हालांकि विभाग अधिकारी ने दुकान पर पहुंचकर मिठाइयों और मठरी के नमूने लिए हैं। ऐसे में लोगों को अन्नपूर्णा बीकानेर मिष्ठान्न भंडार से मिठाई खरीदने से पहले सोच समझ लें।

सांठ-गांठ के चलते अधिकारी नहीं करते कार्यवाही

खाद्य सुरक्षा अधिकारी लीना नायक द्वारा दीपावली जैसे सबसे बड़े त्यौहार पर भी शहर के बड़े मिष्ठान्न विक्रेताओं की दुकानों पर पहुंचकर जांच भी नहीं की जा रही है। हालांकि चर्चा है कि जो नये दुकानदार हैं उनको अधिकारी विशेष रूप से टारगेट कर जांच करने पहुंच रही हैं। लोगों में चर्चा है कि ऐसा अधिकारी जानबूझकर करती है क्योंकि पुराने दुकानदारों से अधिकारी की पटरी बैठ चुकी है इस कारण पहले तो इन दुकानों पर जांच ही नहीं की जाती है और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मन मारकर कार्यवाही करनी भी पड़ती है तो जांच ऐसी की जाती है सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे यानि कार्यवाही का दिखावा भी हो जाए और चहेते दुकानदार पर जुमार्ना या सजा जैसी कोई कार्यवाही न हो पाए। चूंकि नये दुकानदारों से सेटिंग नहीं हो पाती है इस कारण इन्हें कार्यवाही के नाम पर डराकर इनसे भी सेटिंग हो जाए।

कागजी कार्यवाही के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में रस्मअदायगी

खाद्य सुरक्षा अधिकारी लीना नायक द्वारा इस बड़े त्यौहार सीजन में अभी तक कोई प्रभावी कार्यवाही देखने को नहीें मिली है। वे कागजी खानापूर्ति और आंकड़े बढ़ाने के लिए गांवों कस्बों में जाकर सैंपिल लेने का काम जरूर करती हैं पर इन सैंपिलों की जांच में क्या आया यह बताया नहीं जाता है। यहीं नहीं जब खाद्य सुरक्षा अधिकारी से कोई शिकायत या विभाग से संबंध कोई चर्चा करनी चाहे तो वे कॉल रिसीव नहीं करती हैं।

दुकानदार राजपूत बोला- ग्राहक ने नहीं खाई मिठाई

इस संबंध में जब अन्नपूर्णा बीकानेर मिष्ठान्न भंडार के संचालक मूल सिंह राजपूत से उनके मोबाइल पर कॉल कर उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि क्वालिटी से कोई तबियत खराब नहीं हुई। 250 ग्राम मिठाई नमकीन लिया था ऐसी ही वो वापस ले आए थे। उन्होंने मिठाई खाई ही नहीं तो कैसे बीमार हो गए थे।