राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस: हर साल लगभग 14 लाख पीड़ितों को प्रोत्साहन

भारत में हर साल 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत 2014 में हुई थी, जब स्वास्थ्य मंत्रालय ने कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए जनजागरूकता अभियान शुरू किया। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को कैंसर के जोखिम कारकों, लक्षणों और समय पर जांच के महत्व के बारे में शिक्षित करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, भारत में लगभग 14 लाख नए कैंसर के मामले सामने आते हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक की मौत हो जाती है क्योंकि देर से पता चलता है।

इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ जीवनशैली से कैंसर मुक्त भारत’ है। विशेषज्ञों का मानना है कि तंबाकू का सेवन, शराब, अस्वास्थ्यकर भोजन और व्यायाम की कमी कैंसर के प्रमुख कारण हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) की रिपोर्ट बताती है कि मुंह, फेफड़े, स्तन और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर भारत में सबसे आम हैं। तंबाकू से जुड़े कैंसर अकेले 40 प्रतिशत मामलों के लिए जिम्मेदार हैं।

सरकार ने इस दिवस पर कई पहल की हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने ‘नेशनल कैंसर कंट्रोल प्रोग्राम’ के तहत 27 राज्यों में कैंसर उपचार केंद्र स्थापित किए हैं। आयुष्मान भारत योजना के जरिए गरीबों को मुफ्त जांच और इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। इस साल दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में मुफ्त स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए, जहां हजारों लोगों की जांच हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में कहा, “कैंसर से लड़ाई व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक है। नियमित जांच और स्वस्थ आदतें अपनाकर हम इसे हरा सकते हैं।”

चिकित्सकों का कहना है कि 30-40 प्रतिशत कैंसर मामलों को रोकथाम से रोका जा सकता है। स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राफी, गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के लिए पैप स्मीयर और कोलोन कैंसर के लिए कोलोनोस्कोपी जैसी जांचें जीवन बचा सकती हैं। वैक्सीनेशन भी महत्वपूर्ण है – एचपीवी वैक्सीन लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाती है, जबकि हेपेटाइटिस बी वैक्सीन लीवर कैंसर का खतरा कम करती है।

गैर-सरकारी संगठन जैसे कैंसर सोसाइटी ऑफ इंडिया और टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं। स्कूलों और कार्यालयों में सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। एक सर्वेक्षण में पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत लोग कैंसर के लक्षणों से अनभिज्ञ हैं, इसलिए डिजिटल मीडिया और रेडियो का उपयोग बढ़ाया जा रहा है।

राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस सिर्फ एक दिन नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास की याद दिलाता है। अगर हर व्यक्ति साल में एक बार जांच कराए और स्वस्थ जीवन अपनाए, तो लाखों जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। आइए, इस दिवस पर संकल्प लें कि कैंसर को जड़ से खत्म करने में योगदान देंगे।