भोपाल मेट्रो को PM की हरी झंडी का इंतजार: अंतिम सुरक्षा निरीक्षण शुरू, जल्द होगा कमर्शियल रन

भोपाल से विशेष रिपोर्ट: भोपाल में मेट्रो रेल के वाणिज्यिक संचालन (कमर्शियल रन) का रास्ता साफ करने के लिए सबसे बड़ी और अंतिम बाधा पार की जा रही है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की उच्च-स्तरीय टीम मेट्रो कमिश्नर जनक कुमार गर्ग के नेतृत्व में भोपाल पहुँच चुकी है। टीम गुरुवार को मेट्रो स्टेशन और ट्रैक का सघन निरीक्षण करेगी, और सब कुछ ठीक पाए जाने पर जल्द ही अपनी ‘ओके रिपोर्ट’ जारी कर देगी। इस रिपोर्ट के बाद ही कमर्शियल रन की फाइनल डेट तय होगी और ऐसी प्रबल संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने नवंबर में मेट्रो को हरी झंडी दिखाने के लिए भोपाल आ सकते हैं।

निरीक्षण दल बुधवार से ही सक्रिय है और गुरुवार को प्राथमिकता कॉरिडोर के 6.22 किलोमीटर रूट को करीब से परखा जाएगा। इससे पहले भी CMRS के दो अहम दौरे सितंबर और अक्टूबर में हो चुके हैं, जिनमें टीम ने सुभाषनगर स्थित मेट्रो डिपो और रानी कमलापति (आरकेएमपी) स्टेशन तक के ट्रैक और सुविधाओं का जायजा लिया था। यह तीसरा दौरा सबसे महत्वपूर्ण है, जो मेट्रो के संचालन के लिए अंतिम सुरक्षा प्रमाणपत्र प्रदान करेगा।

कुछ स्टेशनों पर काम बाकी, फिर भी ओके रिपोर्ट की उम्मीद

भले ही मेट्रो ट्रैक को ओके रिपोर्ट मिल जाए, लेकिन कई स्टेशन ऐसे हैं जहाँ कुछ कार्य अभी भी बाकी हैं। सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, सरगम टॉकीज, रानी कमलापति, एम्स, अलकापुरी और डीआरएम तिराहा पर आंतरिक सज्जा या बाहरी फिनिशिंग का काम चल रहा है। केंद्रीय स्कूल मेट्रो स्टेशन पर तो ऊँचाई कम होने की वजह से निचले हिस्से में सड़क की खुदाई का काम भी जारी है। हालांकि, परियोजना के अधिकारियों का दावा है कि जितना काम कमर्शियल रन के लिए आवश्यक है, वह पूरा हो चुका है। उनका कहना है कि प्राथमिकता कॉरिडोर का कार्य पर्याप्त रूप से तैयार है।

सरकार को रिपोर्ट और प्रधानमंत्री का कार्यक्रम

सीएमआरएस का निरीक्षण पूरा होने के बाद, जनक कुमार गर्ग अपनी विस्तृत रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपेंगे। वहाँ से हरी झंडी मिलने के बाद ही कमर्शियल रन की अंतिम तारीख तय होगी। रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भोपाल मेट्रो के पहले यात्री बनकर इसे हरी झंडी दिखा सकते हैं, जैसा कि उन्होंने पहले 31 मई को इंदौर मेट्रो के लिए भोपाल से किया था।

बता दें कि सरकार ने पहले अक्टूबर में भोपाल मेट्रो को दौड़ाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन बिहार विधानसभा चुनावों में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं की व्यस्तता के कारण यह लक्ष्य पूरा नहीं हो सका था। हालांकि, भोपाल मेट्रो को तकनीकी मानकों के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) से पहले ही ओके रिपोर्ट मिल चुकी है। भोपाल मेट्रो का काम साल 2018 में शुरू हुआ था और 3 अक्टूबर 2023 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस पर पहला ट्रायल रन किया था।