ईडन गार्डन्स में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच चल रहे पहले टेस्ट मैच में भारतीय सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने अपने टेस्ट करियर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया। शनिवार को खेले गए इस मुकाबले में राहुल ने 4,000 टेस्ट रनों की उपलब्धि हासिल की। इस सफलता से वे भारत के विश्वसनीय टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में एक मजबूत दावेदार बन गए। उस दिन उन्होंने 119 गेंदों का सामना करते हुए 39 रन जोड़े, जिनमें चार चौके और एक छक्का शामिल था। हालांकि वे इस ठोस शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके, लेकिन करियर का यह मील का पत्थर उनके लिए यादगार साबित हुआ। अब तक राहुल ने 66 टेस्ट मैचों की 115 पारियों में 4,024 रन ठोके हैं, जिनका औसत 36.58 रहा है और सर्वाधिक स्कोर 199 रन का है। इसके साथ ही उन्होंने 11 शतक और 20 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं।
राहुल का यह वर्ष बेहद शानदार गुजरा है। 2025 में उन्होंने 9 टेस्ट मैचों में 784 रन बनाए, जिनमें तीन शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। इस अवधि में उनका औसत 52.26 रहा और सर्वश्रेष्ठ पारी 137 रनों की थी। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में उन्होंने 532 रन जुटाए और दो शतक ठोके। अहमदाबाद टेस्ट में उन्होंने नौ वर्ष बाद घरेलू सरजमीं पर शतक जड़ा, जो 2016 के बाद भारत में उनका पहला टेस्ट शतक था। दिन के दूसरे सत्र के लंच तक भारत का स्कोर 138/4 पर पहुंचा, जिसमें कप्तान शुभमन गिल गर्दन की तकलीफ के चलते रिटायर्ड हर्ट होकर पवेलियन लौट गए। टीम के लिए यह दिन चिंता और उत्साह दोनों का मिश्रण लेकर आया, क्योंकि राहुल की उपलब्धि और भारतीय गेंदबाजों की आक्रामकता मैच की दशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। इस प्रदर्शन से केएल राहुल ने न सिर्फ व्यक्तिगत रूप से बड़ा मुकाम हासिल किया, बल्कि भारतीय टीम को टेस्ट में मजबूत स्थिति दिलाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रशंसक और क्रिकेट पंडित अब उनकी अगली पारियों और शॉट्स को लेकर खासा उत्साहित दिख रहे हैं।