भोपाल: भोपाल में तीन दिवसीय इज्तिमा में इस बार भी रिकॉर्ड भीड़ उमड़ रही है। रातभर देश-विदेश से लाखों जमातों के पहुंचने से इज्तिमा पूरी तरह से आबाद हो गया है। इज्तिमा के आज दूसरे दिन फजिर की नमाज के बाद मौलाना साद के बेटे मौलाना सईद ने अपनी तरकरीरे बयान की। उन्होंने कहा कि अल्लाह के हुकुम के बिना पत्ता नहीं हिलता और अल्लाह से मिलने का रास्ता नमाज है। इसलिए अपनी नमाज सुधारने का काम करें, क्योंकि आज मुसलमानों की नमाज दुरूस्त नहीं है। जिस दिन आपकी नमाज सही हो गई, उस दिन अपने सारे मसले हल हो गए। यह आयोजन 14 से 17 नवंबर तक चलेगा। सोमवार सुबह दुआ-ए-खास के साथ इज्तिमा का समापन होगा, जिसके बाद साल, चार माह और 40 दिनों की जमातें देश-दुनिया में दीन की दावत पहुंचाने रवाना होंगी। इस बार इज्तिमा में करीब 12 लाख श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। इंडोनेशिया, केन्या, मलेशिया, सऊदी अरब, ईरान, मोरक्को सहित 19 देशों से आए जायरीन स्थल पर पहुंच चुके हैं और आवागमन लगातार जारी है।
तकरीरों का दौर जारी, नमाज और इल्मी बयान सुनने उमड़ी भीड़
मौलाना सईद ने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब की सुन्नत को हमे अपनी जिन्दगी में उतारने की जरूरत है। आज सुबह फजिर की नमाज के बाद तकरीरों का सिलसिला शुरू हो हुआ। उन्होने कहा कि नमाज मुसलमान की पहचान है, लेकिन आज बहुत से लोग नमाज से दूर हो गए हैं, जिससे परेशानियां बढ़ रही हैं। उन्होंने पांचों वक्त की नमाज को दुनिया और आखिरत की कामयाबी का जरिया बताया। दुनिया के बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल यह इज्तिमा, हज के बाद दूसरा सबसे बड़ा जलसा माना जाता है। इसकी शुरूआत भोपाल में मात्र 13 लोगों से हुई थी, जो आज बढ़कर 13 लाख की तादाद तक पहुंच चुकी है।