राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार सुबह बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली समेत कुल 22 स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए। यह कार्रवाई पटना में एनआईए के जोनल ऑफिस द्वारा दर्ज एक नई एफआईआर से जुड़ी हुई है, जिसमें अवैध हथियारों की तस्करी और संदिग्ध नेटवर्क की गतिविधियों की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, इसी मामले की कड़ी में दिल्ली के लाल किला क्षेत्र में कुछ समय पहले हुए विस्फोट की घटना से संबंधित आरोपियों के संपर्कों की भी पड़ताल हो रही है। एनआईए की टीमें इन राज्यों के विभिन्न जिलों में सक्रिय उन गिरोहों पर नजर रखे हुए हैं, जो लंबे समय से अवैध हथियारों की आपूर्ति करते आए हैं। जांच में पता चला है कि उत्तर भारत में फैला यह नेटवर्क कई राज्यों तक विस्तृत है और पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अभियान संभावित आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़े तत्वों तक पहुंचने की कोशिश का हिस्सा है। दिल्ली विस्फोट मामले में गिरफ्तार या संदिग्ध व्यक्तियों के साथ हथियार तस्करी करने वाले इस गिरोह के संभावित लिंक की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि बिहार, यूपी और हरियाणा के रास्ते बड़ी संख्या में अवैध हथियार दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में पहुंचाए जा रहे थे।
एनआईए ने संदिग्धों की सूची के आधार पर ये छापेमारी की है और मोबाइल फोन, लैपटॉप, दस्तावेज तथा अन्य महत्वपूर्ण सबूत बरामद होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसी दोनों मामलों को आपस में जोड़कर गहनता से परख रही है।